Jamshedpur (Vishwajeet Bhatt) : राजस्थान भवन बिष्टुपुर जमशेदपुर में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम झारखंड के तत्वावधान में प्रांतीय आयाम प्रमुख अभ्यास वर्ग का (पूर्वी क्षेत्र एवं उत्तर मध्य क्षेत्र भारत) तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग शुरू हुआ. इसमें लगभग 100 की संख्या में अधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित हुए. प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष राजेंद्र झुनझुनवाला, समैया जूलॉजी संरक्षक अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, संदीप कवीश्वर अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, हिरेन्द्र सिन्हा क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं विनोद उपाध्याय क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री ने संयुक्त रूप में भारत माता, भगवान श्रीराम, वीर स्वतंत्रा सेनानी बिरसा मुंडा, वन योगी बाला साहब देशपांडे के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया. सभा की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र झुनझुनवाला ने वनवासी कल्याण आश्रम के समर्पित कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि समय-समय पर कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण जरूरी है. यह प्रशिक्षण वनवासी कल्याण आश्रम को चार साल के बाद पुनः जमशेदपुर को करने का सौभाग्य मिला.
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: सिविल कोर्ट में 12 से 16 सितम्बर तक पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता शिविर का होगा आयोजन सिद्धांत ठीक रहने से ही ठीक से चलता है संगठन
क्षेत्र संगठन मंत्री हरेंद्र सिन्हा ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक ही पथ के राही हैं. जनजातीय क्षेत्र में कल्याण आश्रम की ओर से रक्षात्मक एवं विकासात्मक योजनाएं चलाई जा रही हैं. यह कार्य और सुंदर ढंग से हो, इसके लिए समय-समय पर कार्यकर्ताओं की तरह अधिकारियों एवं प्रांत प्रमुख का प्रशिक्षण जरूरी है. मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री संदीप कविता ने कहा कि सूचनाओं का पालन करना बौद्धिकता का ही एक भाग है. संगठन का सिद्धांत ठीक रहने से संगठन ठीक से चलता है और इसके लिए कुछ नया सीखने के लिए ही इस तरह के अभ्यास वर्ग समय-समय पर होते हैं. संगठन की नींव मजबूत रहने पर संगठन की कार्य पद्धति, कार्यकर्ताओं की कार्यशैली में झलकता है. आत्मीयता का भाव ही संगठन के कार्य का आधार है. विकास संगठन का उपनिषद है, धर्म को मानते हुए व्यवहार करने वाला व्यक्ति राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाता है. जनजातियों के धर्म-संस्कृति की रक्षा करते हुए जनजातियों का सर्वांगीण विकास करना ही वनवासी कल्याण आश्रम का एक ध्येय है. हमारे संगठन की आवाज है तू मैं एक रक्त. इसका मतलब है हम और आप में कोई अंतर नहीं है. वन योगी बाला साहब देशपांडे ने जनजाति समाज के लिए दो बातें कहीं. पहला जनजाति समाज की अस्मिता, दूसरा जनजाति समाज का अस्तित्व. हमें अपने मार्ग पर चलते हुए हर वक्त यह ध्यान देना चाहिए कि जनजाति समाज के धर्म व संस्कृति की रक्षा हो रही है कि नहीं.
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: फोरलेन पर पिकअप वैन की चपेट में आने से फेरीवाला गंभीर रूप से घायल पूर्व क्षेत्र व उत्तर मध्य क्षेत्र के पांच प्रांतों के अधिकारी थे मौजूद
इस अभ्यास वर्ग में भारत के पूर्व क्षेत्र एवं उत्तर मध्य क्षेत्र के पांच प्रांतों के अधिकारियों ने भाग लिया. भारत के पूर्वी क्षेत्रों के राज्यों से भाग लेने वालों में बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा एवं आसाम है. मंच का संचालन विजय मोहंती ने किया. अभ्यास वर्ग के दौरान गीत हे जन्मभूमि भारत हे कर्मभूमि भारत... प्रस्तुत किया गया. सुभाष चंद्र दुबे ने अभ्यास वर्ग में देवनंदन सिंह प्रांत संगठन मंत्री, मंगला कांत प्रांत प्रचार प्रमुख, विजय केसरी, अंकज कुमार पांडेय, हरगोविंद सिंह एवं अन्य अधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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