गुरु नानक स्कूल को मिली एनसीसी यूनिट
प्रस्ताव तैयार करने में लगे 10 दिन
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को ग्लोबल टेंडर का प्रस्ताव तैयार करने में लगभग 10 दिन का समय लगा है. विभाग के एक इंजीनियर ने बताया कि प्रस्ताव बनाने से पहले विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता ने फिल्टर प्लांट का जायजा लिया. यह देखा गया कि योजना में कितना काम हो गया है और कितना काम बाकी है. इसी के बाद प्रस्ताव तैयार किया गया है.24 प्रतिशत होना है काम
बागबेड़ा जलापूर्ति योजना में 76 फीसद काम हो चुका है. 24 प्रतिशत काम बाकी है. इस काम को पूरा करने के लिये ही ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा. गौरतलब है कि बागबेड़ा जलापूर्ति योजना में चल रहे निर्माण कार्य को साल 2018 में पूरा हो जाना था. योजना का शिलान्यास साल 2015 में हुआ था. मगर, समय से काम नहीं हो पाया. इस वजह से विभाग ने कार्यकारी एजेंसी एलएफएस को टर्मिनेट कर दिया है.लापरवाही करने वाली कंपनी को सजा मिले: सुबोध झा
इस बीच बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लापरवाही की वजह से योजना लटक गई है. विभाग इसका टेंडर जल्द निकाले और लापरवाही करने वाली कंपनी को सजा दे. इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र">https://lagatar.in/maharashtra-politics-turned-violent-rebel-mlas-office-vandalized-sanjay-raut-said-outrage-among-people-we-cannot-stop/">महाराष्ट्रकी राजनीति हिंसक हुई, बागी विधायक के कार्यालय में तोड़-फोड़, संजय राउत ने कहा, लोगों में आक्रोश, हम रोक नहीं सकते [wpse_comments_template]

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