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जमशेदपुर : सूरज हत्याकांड में डीजीपी से मिले परिजन, फिर से जांच कराने की मांग

 
Jamshedpur (Ashok Kumar) : भाजपा के पूर्व महामंत्री सूरज कुमार हत्याकांड के 14 माह बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और सभी की गवाही नहीं होने पर परिवार के लोगों ने अनुसंधान में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुये झारखंड के राज्यपाल और डीजीपी से मिलकर घटना से बुधवार को अवगत कराया. सूरज के पिता विजय कुमार सिंह ने बताया कि जब वे डीजीपी के कार्यालय में मिलने के लिये गये तब उनके सामने ही डीजीपी ने एसएसपी प्रभात कुमार को फोन लगाया और केस के बारे में पूछा. डीजीपी ने 22 जनवरी को एसएसपी से मिलने के लिये कहा है. [caption id="attachment_531224" align="aligncenter" width="371"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/suraj-hatyakand-me-dgp-ks-pas-pahunche-parijan.--300x200.jpeg"

alt="" width="371" height="247" /> सूरज के माता, पिता और विधवा पत्नी डीजीपी कार्यालय के बाहर खड़े.[/caption] इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/lagatar-jamshedpur-cyber-miscreants-blew-72-thousand-in-the-name-of-buying-a-bicycle/">जमशेदपुर

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7 दिसंबर 2021 को चापड़ से हमला कर की गयी थी हत्या

बागबेड़ा देवता भवन के पास रहनेवाले सूरज कुमार की हत्या 7 दिसंबर 2021 को चापड़ से हमला कर की गयी थी. घटना के बाद उसे इलाज के लिये टीएमएच में भर्ती कराया गया था. यहां पर 9 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया था. मामले में सोनू सिंह, गोलु शर्मा, रजनीश सिंह और अंकुर भगत को जेल भेजा गया है. परिजनों का आरोप है कि घटना का मुख्य साजिशकर्ता अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. मुख्य गवाहों की भी गवाही नहीं करायी गयी है.

आरोपियों से मिले हुये हैं थानेदार

विजय सिंह ने बागबेड़ा के थाना प्रभारी पर आरोप लगाया है कि वे आरोपियों के साथ मिले हुये हैं. साथ ही अनुसंधानकर्ता पर भी मिली भगत का आरोप लगाया है. परिवार के लोगों का कहना है कि घटना का अनुसंधान सही तरीके से नहीं किया गया है. ऐसे में पुनः अनुसंधान कराने से ही न्याय की उम्मीद जग सकती है.

सूरज की पत्नी का नहीं लिया गया है बयान

घटना के 14 माह के बाद भी सूरज की पत्नी सपना देवी, सूरज की माता प्रमिला देवी और पिता विजय कुमार का भी बयान नहीं लिया गया है. इसके अलावा भी अन्य दो लोगों का बयान नहीं लिया गया है. इसको लेकर बागबेड़ा थाने जाने पर उन्हें बरगला दिया जाता है. ऐसे में न्याय मिलने की संभावना कम लग रही है. 18 अक्टूबर 2022 को जब परिवार के लोग राज्यपाल से मिले थे, तब उन्होंने एसएसपी प्रभात कुमार से कहा था कि घटना की सीआइडी जांच करायी जाये या घटना की पुनः जांच करायी जाये. बावजूद अभी तक मामले में कुछ भी नहीं किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-800-rupees-snatched-from-the-priest-of-the-temple-in-bagbeda/">जमशेदपुर

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