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जमशेदपुर : अमरनाथ गैंग के रंजीत सरदार व प्रदीप की हत्या के बाद अब रिंकू सेठ टारगेट पर

Jamshedpur (Rohit Kumar) : जमशेदपुर के साकची थाना अंतर्गत जुबली पार्क के पास शुक्रवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सागर को लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था. हालांकि सागर के साथ वरुण भी मौके पर मौजूद था पर वह मौके से फरार होने में कामयाब रहा. इधर, जब पुलिस ने सागर से थाने में पूछताछ की तो सागर ने पुलिस के सामने कई सारे राज खोले. सागर ने पुलिस को बताया कि वह अमरनाथ गैंग के रिंकू सेठ को मारने आया था. शुक्रवार सुबह से ही वह रिंकू की रेकी कर रहा था. देर शाम रिंकू अग्रसेन भवन के पास से साकची जुबली पार्क आने वाला था. वह वरुण के साथ पहले से ही मौके पर मौजूद था पर उससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया. सागर ने पुलिस को बताया कि राजा शर्मा के कहने पर वह घटना को अंजाम देने के लिए पहुंचा था. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-rally-taken-out-on-world-cycle-day-at-nit-jamshedpur/">आदित्यपुर

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मामले में गणेश सिंह का नाम आया सामने

इधर, घटना को अंजाम देने के पीछे गणेश सिंह का नाम सामने आ रहा है. हालांकि इसके पूर्व टेल्को में 3 अक्टूबर 2022 को जेल से छूटे अमरनाथ गिरोह के रंजीत सरदार और 13 फरवरी 2023 को भुईंयाडीह में प्रदीप सिंह की हत्या में भी गणेश सिंह का नाम सामने आया था पर पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. वहीं 13 मई को गणेश सिंह के करीबी राजा शर्मा और दीपक चौधरी रिंकू के घर पहुंचे थे जहां दोनों ने रिंकू के साथ हाथापाई भी की थी. इसकी शिकायत रिंकू ने पुलिस से भी की थी पर उस वक्त पुलिस ने कोई भी एक्शन नहीं लिया था इसी का नतीजा है कि वे अब रिंकू की हत्या करने की योजना बना रहे हैं. इसे भी पढ़ें : पटनाः">https://lagatar.in/patna-lalus-reaction-on-balasore-train-accident-accident-due-to-negligence/">पटनाः

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गणेश सिंह और अमरनाथ सिंह के बीच है पुरानी दुश्मनी

अमरनाथ सिंह और गणेश सिंह के बीच पुरानी दुश्मनी है. वर्ष 2016 में गणेश सिंह ने अमरनाथ सिंह के भाई शक्ति सिंह पर गोली चलाई थी. जवाब में कुछ दिनों बाद ही अमरनाथ सिंह ने भी गणेश के भाई प्रशांत पर गोली चलाई थी. यहीं से दोनों की बीच दुश्मनी शुरू हुई. दोनों गिरोह के बीच कई बार गैंगवार भी हुआ. अमरनाथ सिंह परमजीत गिरोह से जुड़ा था जबकि गणेश सिंह को गैंगस्टर अखिलेश सिंह का संरक्षण प्राप्त था. इसी बीच अमरनाथ सिंह ने मानगो में जमीन कारोबार का धंधा शुरू किया. लेकिन गणेश सिंह ने अमरनाथ के इस धंधे को बंद करवा दिया. इसे भी पढ़ें : कस्तूरबा">https://lagatar.in/kasturba-school-teachers-submitted-memorandum-to-the-mla-in-the-name-of-zip-member/">कस्तूरबा

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समझौता के बाद भी कम नहीं हुई दुश्मनी

2017 में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने पुलिस के समक्ष समझौता किया कि दोनों अब एक दूसरे पर वार नहीं करेंगे. लेकिन दोनों के बीच दुश्मनी कम नहीं हुई. जेल से निकलने के बाद दोनों फिर से एक दूसरे के जान के दुश्मन बन गए. 2018 में गणेश सिंह गिरोह के राहुल पर मानगो के बैकुंठनगर में फायरिंग की गई थी. अमरनाथ गिरोह के सदस्यों ने राहुल को चार गोली मारी थी. 2021 में पुलिस ने अमरनाथ गिरोह के करीब 15 सदस्यों को भारी मात्रा में हथियार के साथ परसुडीह के गदड़ा से गिरफ्तार किया था. सभी गणेश सिंह की हत्या की योजना बनाते हुए पकड़े गए थे. [wpse_comments_template]

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