Ashok Kumar
Jamshedpur : महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से कहने को तो पूर्वी सिंहभूम जिले में एक महिला थाना की सुविधा दी गयी है. लेकिन यहां पर सुविधाओं का अभाव है. साकची महिला थाना को रिजेक्ट भवन में ही तब्दील कर दिया गया है. वर्तमान में बारिश का समय है. ऐसे समय में थाना प्रभारी के कार्यालय के साथ-साथ अन्य जगहों पर भी छत से पानी टपकता है. कुल मिलाकर साकची महिला थाना अपनी दुर्दशा को लेकर आठ-आठ आंसू बहा रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. इसे भी पढ़ें : दुमका">https://lagatar.in/dumka-thumke-on-chikni-jasmine-song-was-costly-to-shikadipada-police-station-line-closed/">दुमका: चिकनी चमेली गाना पर ठुमके लगाना शिकाड़ीपाड़ा थानेदार को पड़ा महंगा, लाइन क्लोज
कार्यालय में प्लास्टिक की कुर्सियां भी जरूरत के हिसाब से नहीं
साकची महिला थाना में प्लास्टिक की कुर्सियों की संख्या भी जरूरत के हिसाब से नहीं है. अगर ज्यादा संख्या में लोग थाने पर चले आते हैं तो उन्हें बैठने के लिये कुर्सी तक नसीब नहीं हो पाता है. ऐसे में किसी समस्या का समाधान करने में थाना के अधिकारियों को परेशानी होती है. [caption id="attachment_408662" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> थाना भवन में खिड़की खस्ताहाल.[/caption]
तत्कालीन एसएसपी के प्रयास से छत की हुई थी मरम्मत
थाना भवन की छत की मरम्मत तत्कालीन एसएसपी डॉ. एम तमिल वाणन के प्रयास से हो सका था. वे अचानक से थाना पहुंच गये थे. उनके प्रयास से छत की मरम्मत तो हुई, लेकिन बारिश के समय छत से पानी का टपकना अब भी जारी है. छत के उपर से ही बिजली तार गयी है. इस कारण से भी भवन की छत पर काम करवा पाने में परेशानी होती है.पहले चलता था साकची थाना
आज जहां पर महिला थाना को चलाया जा रहा है वहां पर पहले साकची थाना चलाया जाता था. साकची थाना का अपना भवन बन जाने के कारण इस भवन को रिजेक्ट कर खाली कर दिया गया था. इसके कुछ माह बाद ही इसे महिला थाना का नाम दे दिया गया.खंडहर का रूप ले रहा थाना भवन
रिजेक्ट होने के बाद अब साकची महिला थाना का भवन दिनों-दिन खंडहर का रूप धारण कर रहा है. भवन में लगा खिड़की का पल्ला सड़ गया है. दीवार पर भी रंग-रोगन तक नहीं कराया गया है. साकची महिला थाना में महिलायें अपनी समस्या को लेकर रोजाना पहुंचती हैं.समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट करती हैं थाना प्रभारी
साकची महिला थाना की समस्याओं को थाना प्रभारी जेनी सुधा तिग्गा जब भी मौका मिलता है वह एसएसपी के समक्ष रखती हैं. उनका कहना है कि आम थाना की तरह महिला थाना में सुविधाओं का अभाव है. लंबे समय तक बैठ कर काम करने के लिये आरामदेह कुर्सी तक की सुविधा नहीं दी गयी है. बावजूद काम बेहतर तरीके से किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : बाबूलाल">https://lagatar.in/why-did-babulal-compare-hemant-soren-to-duryodhana/">बाबूलालने दुर्योधन से क्यों की हेमंत सोरेन की तुलना [wpse_comments_template]

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