Jamshedpur : बर्मामाइंस जेम्को रॉयल इंटरनेशनल स्कूल में संस्कृति फाउंडेशन द्वारा बुधवार को स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम सत्र का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में 50 महिलाओं ने हिस्सा लिया. जागरूकता कार्यक्रम में एमजीएम अस्पताल की डॉ. बनिता सहाय ने महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों, स्व-स्तन परीक्षण और बीमारी का जल्द पता लगाने के साथ ही इलाज के लिये स्क्रीनिंग के महत्व बताया. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-direct-communication-with-railway-officials-will-be-held-in-chamber-building-on-march-24/">जमशेदपुर:
24 मार्च को चैंबर भवन में होगा रेलवे पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद
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alt="" width="600" height="298" /> संस्कृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम उपस्थित अतिथि.[/caption] उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्तन कैंसर के केस बढ़ रहे हैं. देर से पता चलने से इलाज करना मुश्किल हो जाता है. प्राथमिक लक्षणों को समझना, रोकथाम की दिशा में एहतियाती कदम उठाना बहुत जरूरी है. समय-समय पर जांच कराकर रोग और शिथिलता के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सकता है. प्रत्येक महिला को एक स्व-परीक्षण करनी चाहिए, और यदि उन्हें गांठ या कोई असामान्य गांठ मिलती है, तो उन्हें किसी विशेषज्ञ के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए.
24 मार्च को चैंबर भवन में होगा रेलवे पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद
प्राथमिक लक्षणों को समझना जरूरी: डॉ. बनिता सहाय
[caption id="attachment_273443" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="298" /> संस्कृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम उपस्थित अतिथि.[/caption] उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्तन कैंसर के केस बढ़ रहे हैं. देर से पता चलने से इलाज करना मुश्किल हो जाता है. प्राथमिक लक्षणों को समझना, रोकथाम की दिशा में एहतियाती कदम उठाना बहुत जरूरी है. समय-समय पर जांच कराकर रोग और शिथिलता के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सकता है. प्रत्येक महिला को एक स्व-परीक्षण करनी चाहिए, और यदि उन्हें गांठ या कोई असामान्य गांठ मिलती है, तो उन्हें किसी विशेषज्ञ के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए.
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