- सार्वजनिक बहस की दी चुनौती, स्थान व समय डॉ. अजय पर छोड़ा
: चंपाई का घर व कार्यालय का रंग हो रहा भगवा
कहा- वोट के लिए कितना नीचे गिरिएगा अजय कुमार जी !
सरयू राय ने फेसबुक लाइव के दौरान अर्जुन मुंडा द्वारा एनजीटी को लिखा गया पत्र सार्वजनिक किया. साथ ही अजय कुमार की योग्यता का हवाला देते हुए चुनौती दी की पत्र में भुइयांडीह के इंद्रानगर व कल्याणनगर का जिक्र खोजकर बता दें. साथ ही यह भी कहा कि डॉ. अजय कुमार यह भी बताएं कि अर्जुन मुंडा के पत्र में क्या नाजायज है. उन्होंने कहा कि डॉ. अजय कुमार ने जानबूझकर अर्जुन मुंडा का पत्र देखे बिना एनजीटी के एक आदेश में इसका उल्लेख होने के आधार पर बात का बतंगड़ बना दिया और मुंडा की नीयत पर संदेह खड़ा कर दिया. श्री राय ने कहा कि उन्हें (सरयू राय) सिर्फ इस कारण इसमें लपेट लिया कि अर्जुन मुंडा उनके मित्र हैं. अब डॉ. अजय बताएंं कि उनके साथ मेरे व्यक्तिगत संबंध कितने घनिष्ठ रहे हैं. सबसे पहले वे मुझसे मिले थे तो कब, कहां, किस-किसके साथ और किस लिए मिले थे. उन्होंने तो मेरा पुतला तक फूंकवा दिया. संबंध का लिहाज भी नहीं किया. श्री राय ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वे उन पर मुंडा के मित्र होने के कारण उन्हें बचाने का आरोप लगा रहे हैं. पापी वोट का सवाल जो है. वोट के लिए कितना नीचे गिरिएगा अजय कुमार जी ! श्री राय ने कहा कि एनजीटी की कोलकाता बेंच के 23 अगस्त 2024 के आदेश में श्री अर्जुन मुंडा के पत्र का उल्लेख है. उसके पहले एनजीटी की दिल्ली बेंच के आदेश में उल्लेख है कि 23 अगस्त 2003 के इस पत्र में लिखा क्या है. इसके बावजूद डा. अजय भ्रम फैला रहे हैं कि मुंडा जी के पत्र में बस्तियों के घरों को तोड़ने के लिए कहा गया है. अब उस पत्र की प्रति सार्वजनिक होने के बाद डा. अजय अब भी सच्चाई स्वीकारेंगे या थेथरई करते रहेंगे. इसे भी पढ़ें : किसी">https://lagatar.in/cooperation-can-take-any-state-from-the-ground-up-deepika-pandey/">किसीभी राज्य को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती है सहकारिता : दीपिका पांडेय
घरों को तोड़ने की नोटिस देने के लिए आखिर कौन है जिम्मेदार
सरयू राय ने कहा कि सवाल है कि आखिर इन्द्रानगर- कल्याण नगर के घरों को तोड़ने की नोटिस देने के लिए कौन जिम्मेदार है. एनजीटी की कोलकाता बेंच ने अपने 30 जनवरी 2024 के आदेश में एक संयुक्त जांच समिति बनाने का निर्देश दिया है. इस समिति ने 13 मार्च 2024 को प्रतिवेदन दिया, जिसे उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम ने इस जांच समिति की रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ एनजीटी के सामने पेश किया. उसमें साफ-साफ लिखा है कि दोमुहानी से कपाली तक स्वर्णरेखा नदी के किनारे बने मकानों का सर्वे हुआ है. तब इन्द्रा नगर- कल्याण नगर के मकानों को नोटिस किसके आदेश से जारी हुई. डा. अजय को यह स्पष्ट करना चाहिए. उनकी पार्टी की सरकार में बैठा कौन यह सब करा रहा है. अर्जुन मुंडा के पत्र में तो बहुमंजिला इमारतों का जिक्र है, फिर बस्तियों को किसने और किसके आदेश से जोड़ा. श्री राय ने कहा कि एक और जांच समिति झारखंड सरकार ने जल संसाधन सचिव की अध्यक्षता में बनाई है. इसने दोमुहानी से बालीगुमा नाला तक सर्वे किया है जो जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के मानगो क्षेत्र में है. इसमें कितने लोगों को नोटिस मिली. मंत्री बन्ना गुप्ता अपने क्षेत्र के सर्वे पर क्यों चुप हैं. सरकारी तंत्र ने बढ़-चढ़ कर पक्षपात पूर्ण तरीके से बस्तियों के मकानों को तोड़ने के लिए चिन्हित किया है. उन्होंने पूछा कि क्या डा. अजय कुमार इसकी जिम्मेदारी लेंगे. क्या यह मामला उन्होंने सरकार के उपायुक्त, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के पास उठाया. क्या उन्होंने प्रयास किया कि मुख्य सचिव द्वारा एनजीटी के समक्ष दिये जाने वाले शपथ पत्र में से बस्तियों के घरों को तोड़ने के बारे में यही स्थिति रखी जाए कि इन घरों को तोड़ना जरूरी नहीं है. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-bjp-has-become-a-party-of-corrupt-people-and-goons-pritam-bankira/">Chaibasa: भाजपा भ्रष्टाचारियों और गुंडों की पार्टी बनकर रह गई – प्रीतम बांकिरा
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