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Jamshedpur : PM आवास आवंटन में देरी पर सरयू राय के तेवर तल्ख, 1 जून से अनशन पर बैठने की चेतावनी

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत फ्लैट आवंटन में हो रही देरी को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 31 मई तक पात्र परिवारों को फ्लैट की चाबियां नहीं सौंपी गईं, तो वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष अनशन पर बैठेंगे.
 

Ranchi : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत फ्लैट आवंटन में हो रही देरी को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 31 मई तक पात्र परिवारों को फ्लैट की चाबियां नहीं सौंपी गईं, तो वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष अनशन पर बैठेंगे.

 

बता दें कि हाल ही में बिरसानगर पीएम आवास के 100 से अधिक लाभार्थियों ने विधायक सरयू राय से मुलाकात कर चाबी दिलाने की गुहार लगाई. इसके बाद विधायक ने लाभार्थियों की मौजूदगी में ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से फोन पर वार्ता की. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अड़चनों का हवाला देते हुए कार्य पूरी होने में 10 से 15 दिन का अतिरिक्त समय लगने की बात कही है.

 

विधायक सरयू राय का कहना है कि करीब 25 दिन पहले भी नगर विकास मंत्री ने एक महीने के भीतर आवासों पर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया था. हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभागीय सुस्ती साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि लाभार्थी दोहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जहां उन्हें एक तरफ बैंक के कर्ज की किस्त चुकानी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ वे किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं.

 

विधायक ने खुद बिरसानगर जाकर निर्माण कार्य, बिजली और सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने की बात कही है. 

 

बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना रोड़ा

आवासों को सौंपने में हो रही देरी के पीछे बुनियादी सुविधाओं का अधूरा होना मुख्य कारण माना जा रहा है. जमशेदपुर अक्षेस (जेएनएसी) के अनुसार, दो ब्लॉकों के लिए ड्रेनेज (निकासी) प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से एक का कार्य पूरा हो चुका है. जबकि दूसरे में 15 दिनों का समय बाकी है.

 

वहीं, जुडको द्वारा बनाई जाने वाली पहुंच सड़क (अप्रोच रोड) के लिए प्रशासनिक स्वीकृति अभी तक विभागीय सचिव से प्राप्त नहीं हुई है. वर्तमान में अस्थाई तौर पर गड्ढों को भरकर रास्ता चालू किया गया है. इसके अलावा बिजली के मीटरों को लेकर भी बिजली विभाग और लाभार्थियों के दावों में विरोधाभास देखा जा रहा है.

 

विधायक ने यह भी चिंता जताई कि कुछ ऐसे लोगों को भी फ्लैट आवंटित होने की शिकायतें मिली हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, जिसकी जांच की जाएगी.

 

प्रत्येक ब्लॉक में 322 मकान निर्मित

इस वृहद आवासीय परियोजना के मूल ढांचे के तहत कुल 48 एकड़ भूमि पर 705 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जी-प्लस 8 संरचना वाले बहुमंजिला भवनों का प्रावधान है. पूरी योजना के अंतर्गत कुल 32 ब्लॉकों में 9,592 आवासों का लक्ष्य है.

 

प्रत्येक ब्लॉक में 322 मकान निर्मित हैं. फिलहाल विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी का मुख्य फोकस दो ब्लॉकों तक पहुंच मार्ग, ड्रेनेज और बिजली-पानी जैसी सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने पर है, ताकि आवंटन की प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके.

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