झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति की सभा को लेकर आयोजकों व मुख्य वक्ता पर होगी कार्रवाई
तीनों निकायों में प्रभावी नहीं होगा आदेश
निषेधाज्ञा आदेश से अनुमंडल क्षेत्र के तीनों निकाय (मानगो, जुगसलाई एवं जमशेदपुर अक्षेस) क्षेत्र को मुक्त रखा गया है. आदेश में उन्होने कहा कि पूरे पंचायत चुनाव की घोषणा के पश्चात विभिन्न प्रत्याशियों (वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य) की गतिविधियों में वृद्धि हुई है. राजनीतिक प्रतिद्वन्दिता के कारण राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की आशंका बनी हुई है. असामाजिक तत्वों के द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करने की भी कोशिश की जा सकती है.आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
अतः उपरोक्त परिस्थिति को देखते हुए भय मुक्त, शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष मतदान सम्पन्न कराने के उद्देश्य से अनुमंडल दंडाधिकारी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतगर्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निषेधाज्ञा आदेश जारी किया है. उक्त निशेधाज्ञा आदेश आज दिनांक 13.04.2022 से त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन-2022 के चुनाव कार्य समाप्ति तक प्रभावी होगा. उन्होंने सभी प्रत्याशी, कार्यकर्ता एवं आम जनता से आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की बात कही.निषेधाज्ञा में यह प्रतिबंध हैं शामिल
1.कोई भी व्यक्ति, समूह अथवा अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के सदस्य बिना सक्षम पदाधिकारी के पूर्वानुमति के जन सभा का आयोजन नहीं करेंगे. सक्षम पदाधिकारी के कार्यालय को मात्र सूचना प्रेषित करना पर्याप्त नहीं होगा.- कोई भी व्यक्ति, समूह, अभ्यर्थी, राजनैतिक दल के सदस्य बिना सक्षम पदाधिकारी के पूर्वानुमति के जुलूस नहीं निकालेंगे. जुलूस निकालने के लिए सक्षम पदाधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
- दूसरे अभ्यर्थी/राजनैतिक दल द्वारा आयोजित जनसभा अथवा जुलूस में बाधा उत्पन्न करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- ऐसे स्थानों पर जहां किसी अभ्यर्थी/राजनैतिक दल के द्वारा जनसभा आयोजित की गई हो, वहां से जुलूस ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- दूसरे अभ्यर्थियों के पुतले लेकर चलना अथवा जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- जुलूस में ऐसी वस्तुओं को लेकर चलना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है, जिनका इस्तेमाल प्रक्षेपास्त्र की तरह किया जा सकता है.
- कोई भी अभ्यर्थी या उनके सहयोगी ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे, जिससे कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव उत्पन्न हो/वैमनस्यता बढ़े या मतभेद को बढ़ावा मिले.
- सभी प्रकार का धरना/प्रदर्शन को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है या किसी मांग को लेकर आम रास्ते को अवरुद्ध करने पर प्रतिबंध रहेगा.
- मतदाताओं को किसी प्रकार का प्रलोभन दिया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- मतदाओं के बीच जातीय अथवा धार्मिक भावनाओं के आधार पर प्रचार करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- किसी अभ्यर्थी/राजनैतिक दल के नेता व सदस्य के निजी जीवन पर किसी प्रकार का आक्षेप लगाया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा या अन्य किसी धार्मिक पूजा स्थल पर किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- कोई भी अभ्यर्थी या उनके सहयोगी द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग 06:00 बजे पूर्वाहन से 10:00 बजे अपराह्न समय सीमा के अन्दर सक्षम पदाधिकारी के पूर्व अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जा सकेगा एवं रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र पर प्रतिबंध रहेगा.
- किसी भी वाहन पर ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग हेतु सक्षम पदाधिकारी की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी.
- कोई भी वाहन मालिक/अभ्यर्थी बिना सक्षम पदाधिकारी के पूर्व अनुमति के अपने वाहन का उपयोग चुनाव प्रचार में नहीं करेंगे.
- किसी भी अभ्यर्थी या उसके सहयोगी द्वारा किसी भी प्रकार का शिलान्यास समारोह अथवा उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- किसी भी अभ्यर्थी या उनके सहयोगी द्वारा शराब का वितरण करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- किसी भी सरकारी गेस्ट हाउस का किसी भी व्यक्ति अथवा अभ्यर्थी द्वारा कार्यालय अथवा जनसभा हेतु उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- अनुज्ञप्ति शस्त्र, गड़ासा, लाठी-डंडा, भाला, तीर-धनुष, अग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ आदि को लेकर चलना अथवा उनका किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बैनर/झण्डा/पोस्टर अथवा दीवाल लेखन करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- किसी भी निजी सम्पत्ति पर बिना उसके मालिक के लिखित अनुमति के पूर्व पोस्टर चिपकाना अथवा दीवाल पर लिखना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है.
- एक स्थान पर पांच व्यक्तियों से अधिक का एक जगह एकत्र होना या समूह बनाना प्रतिबंधित रहेगा। (हाट/बाजार या मेला में एकत्रित लोगों, मंदिर, मस्जिद या गिरजाघरों में उपासना करने के लिये आए लोगों और शव यात्रा, बारात में शामिल व्यक्तियों एवं विधि-व्यवस्था/निर्वाचन कार्य में लगे पदाधिकारी/कर्मचारी/आरक्षी पदाधिकारी/आरक्षी बल को छोड़कर)
- नेपालियों द्वारा खुखड़ी धारण, सिक्खों द्वारा कृपाण धारण, शादी एवं श्मशानघाट पर जाने वाली जुलूस एवं विधि-व्यवस्था/निर्वाचन कार्य में लगे पदाधिकारी/कर्मचारी/आरक्षी पदाधिकारी/आरक्षी बल इस निषेधाज्ञा की परिधि से बाहर रहेंगे.
साहब डॉ अंबेडकर विष पिये, दिये अमृत [wpse_comments_template]

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