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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला में विभाग से अनुमति मिलने के बाद होगी बालू घाटों की बंदोबस्ती

 
Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : पूर्वीं सिंहभूम जिले में बालू संकट गहराता जा रहा है. विभाग द्वारा बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं किए जाने के कारण जिले में कई सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही है. संवेदकों पर समय सीमा पर कार्य को पूरा करने का दबाव होने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा संवेदको को किसी प्रकार की सहायता नहीं की जा रही है. एक संवेदक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण में बालू की आपूर्ति नहीं होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जिला प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण के लिए दबाव बनाया जा रहा है वहीं बालू की उपलब्धता पर जिला प्रशासन मौन धारण किए हुए है. इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिला में 12 बालू घाट को चिंहित किया गया है. इससे संबंधित जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट विभाग को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है. विभाग से अनुमति मिलने के पश्चात बालू घाटों की बंदोबस्ती की जाएगी. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-government-is-running-many-programs-for-womens-upliftment-and-employment-took-advantage-block-head/">चक्रधरपुर

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12 बालू घाटों का सर्वे पूरा, विभाग में रिपोर्ट जमा

जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 12 बालू घाट की नीलामी के लिए सर्वे का काम पूरा हो चूका है. रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है. वहीं एनआईसी के माध्यम से जिला के पोर्टल पर भी इसे अपलोड कर दिया गया है, ताकि इस संबंध में किसी व्यक्ति, संस्था को कोई आपत्ति हो तो निश्चित समय सीमा में अपनी आपत्ति दर्ज कराए. एक महीने तक यदि व्यक्ति या संस्था द्वारा आपत्ति दर्ज नहीं किये जाने एवं विभाग द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-karim-city-college-got-first-prize-for-cooperation-in-e-waste-recycling/">जमशेदपुर

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न्यायिक पेंच में फंसा एक लाख सीएफटी बालू

एक सवाल के जवाब में जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ पिछले दिनों की गई लगातार छापेमारी के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में कुल एक लाख 600 टन सीएफटी बालू जब्त की गई थी. सरकारी एवं न्यायिक प्रक्रिया में फंसे होने के कारण जब्त बालू का इस्तेमाल न सरकारी योजनाओं में हो पा रहा है और न ही इस बालू की नीलामी हो पा रही है. बालू जब्त करने के बाद एफआईआर दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह मामला न्यायालय में लंबित है. न्यायालय के आदेश के बाद ही प्रशासन द्वारा जब्त बालू की निलामी की जाएगी. [wpse_comments_template]
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