मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति की भी जांच की
व्यय प्रेक्षकों ने मीडिया कोषांग में मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति की भी जांच की. चारो विधानसभा के व्यय प्रेक्षकों ने निर्देश दिया कि राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार का विज्ञापन, वीडियो, बल्क मैसेज आदि प्रसारित करने से पहले एमसीएमसी कोषांग से प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी है. बगैर अनुमति अथवा पेड न्यूज चिन्हित होने पर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया. व्यय प्रेक्षकों ने सोशल मीडिया की निगरानी के लिए गठित सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24X7 क्रियाशील रखने के लिए कहा. साथ ही बताया कि निर्वाचन आयोग ने ई-पेपर पर प्रकाशित होने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापनों पर प्री-सर्टिफिकेशन (पूर्व-प्रमाणीकरण) आवश्यक है.सोशल मीडिया हैंडल करने वाले कर्मियों का वेतन भी चुनाव खर्च के दायरे में
व्यय प्रेक्षकों ने बताया कि सोशल मीडिया पर किए जाने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापन का प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी है. प्रत्याशी और राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने वाले राजनीतिक विज्ञापन, सोशल मीडिया अकाउंट को हैंडल करने, प्रचार-सामग्री बनवाने एवं उनके सोशल मीडिया के लिए काम करने वाले कर्मियों के वेतन पर आने वाला खर्च भी प्रत्याशी के चुनाव-खर्च में शामिल किया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के लिए यह आवश्यक है कि इंटरनेट आधारित मीडिया-प्लेटफॉर्म या मीडिया-वेबसाइट पर किसी राजनीतिक विज्ञापन को जारी करने से पहले प्री-सर्टिफिकेशन (पूर्व-प्रमाणीकरण) प्राप्त करें. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवं संबंधित अन्य निर्देश प्रत्याशी या राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों एवं प्रयुक्त की जाने वाली सभी प्रचार सामग्री पर भी लागू है. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-workshop-organized-under-voter-id-card-awareness-campaign/">Adityapur: मतदाता पहचान पत्र जागरूकता अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित [wpse_comments_template]
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