Jamshedpur : पूर्व सांसद सह आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू का कहना है कि राज्यपाल रमेश बैस का यह कहना कि आयोग के लिफाफे का क्या करना है, यह मेरा क्षेत्र अधिकार है. जनभावना, जनतंत्र और संवैधानिक मार्यादा के अनुकूल प्रतीत नहीं होता है. चूंकि यह ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के आरोप पर केंद्रित है. सार्वजनिक जीवन पर भ्रष्टाचार के आचरण से जुड़ा हुआ मामला है. इसे भी पढ़ें : रांची:">https://lagatar.in/ranchi-cm-will-attend-mulayam-singhs-funeral-banna-gupta-leaves-for-saifai/">रांची:
मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे सीएम, बन्ना गुप्ता संग सैफई रवाना जानकारी के लिए गये मुख्यमंत्री को भारत चुनाव आयोग एक्सक्लूसीव कम्यूनिकेशन बोलकर टरका देते हैं. अब RTI तक मामला आ गया है. आखिर जो भी फैसला है, जनता को भी जानने का अधिकार है. यही तो जनतंत्र है. अन्यथा शंका यह भी बनती है कि भाजपा और झामुमो के बीच (अमित शाह और हेमंत सोरेन के बीच दिल्ली मुलाकात) हुई कोई गुप्त समझौता के कारण यह लिफाफा बंद है. आज जेपी जयंती है. संदेश है- जनतंत्र में जनता सर्वोच्च है। इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-attempt-to-snatch-rifle-from-police-in-ulidih/">जमशेदपुर
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जमशेदपुर : बंद लिफाफे पर वक्तव्य एकतरफा व अलोकतांत्रिक लगता है- सालखन मुर्मू

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