- चिकित्सकों की टीम ने नारायणा हॉस्पिटल में किया ऑपरेशन
: नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा डॉ. राजीव महर्षि ने कहा कि वे इस ऑपरेशन के परिणाम से बहुत खुश हैं. इतने छोटे रोगी की सर्जरी करने में सटीकता और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है, जिसे टीम वर्क ने इसे संभव बनाया. शिशु अब स्थिर स्थिति में है. डॉ. उमेश प्रसाद ने कहा कि इतने छोटे शिशु के लिए न्यूरोसर्जरी में एनेस्थीसिया बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसके लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है. सर्जरी के बाद, शिशु को गहन चिकित्सा इकाई में डॉ. अन्वेषा मुखर्जी की निगरानी में रखा गया ताकि किसी भी जटिलता के संकेतों की जांच की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि मस्तिष्क की ठीक से रिकवरी हो रही है. इसे भी पढ़ें : Chakradharpur">https://lagatar.in/chakradharpur-masih-das-bhuiyan-will-soon-join-bjp/">Chakradharpur
: मसीह दास भुईयां जल्द भाजपा में होंगे शामिल फैसिल्टी डायरेक्टर विनीत राज ने कहा कि पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी में इस मील के पत्थर को हासिल करना पेशेंट केयर के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने डॉ. महर्षि और उनकी सहयोगी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दिया. बच्चे के परिवार वालों ने शिशु की जान बचाने के लिए चिकित्सीय टीम को धन्यवाद दिया. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-illegal-liquor-trader-shot-dead-in-parsudih/">Jamshedpur
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