: तीन संगठनों के संयुक्त अधिवेशन में केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना
वगैर योग्यता के बना दिया अधीक्षक
अस्पताल अधीक्षक के निलंबन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरयू राय ने कहा कि अरूण कुमार स्वास्थ्य मंत्री के इतने प्रिय थे कि वगैर योग्यता के उन्हें अधीक्षक बना दिया. अस्पताल अधीक्षक के लिए प्राध्यापक होना जरूरी है. यही नहीं डॉ. अरूण कुमार 31 जनवरी को सेवानिवृत हो गए थे. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें सेवा विस्तार देते हुए अधीक्षक बना दिया. कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्हें बड़े बेआबरू तरीके से चलता कर दिया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पुछा कि उनकी कौन सी इच्छा डॉ॰ अरुण कुमार ने नहीं पूरी की ऐसा कौन काम स्वास्थ्य मंत्री करना चाहते थे जिसके लिए वे 5 दिन तक इंतज़ार नहीं कर सकते थे और डॉ॰ अरुण कुमार उनकी मंशा पूरा होने की राह में बाधा बन रहे थे.डॉ॰ अरुण कुमार का निलंबन एक असामान्य घटना है. स्वास्थ्य विभाग में हो रही अनियमितता की पोल खोलने वाली है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-national-human-rights-commission-ordered-an-inquiry-into-the-high-tension-wire-case/">जमशेदपुर: हाई टेंशन तार मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिए जांच के आदेश [wpse_comments_template]

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