Jamshedpur (Mujtaba Haider Rizvi) : टेल्को वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष आकाश दुबे और सदस्य हर्षवर्धन ने टाटा मोटर्स के प्लांट हेड रविंद्र कुलकर्णी को पत्र लिखकर टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का समर्थन
छोड़ने की मांग की
है. पत्र में कहा गया है कि टाटा मोटर्स कंपनी टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन को बचाने के लिए मजदूरों की गाढ़ी कमाई के मुनाफे की रकम को कानूनी
दांवपेच पर बहा रही
है. पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा
है. बांबे हाईकोर्ट से एक ऐसे अधिवक्ता को लाया गया जो एक बहस का 40 लाख रुपया लेते
हैं. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-pathshala-darshan-tour-program-organized-in-model-high-school/">बहरागोड़ा
: मॉडल हाई स्कूल में पाठशाला दर्शन यात्रा कार्यक्रम आयोजित हाईकोर्ट के डबल बेंच का आदेश मानते हुए चुनाव कराए टाटा मोटर्स
ऐसे ही दूसरे अधिवक्ता को भी लाया गया, जो एक बहस का 75 लाख रुपया लेते
हैं. पत्र में मांग की गई है कि टाटा मोटर्स कंपनी हाईकोर्ट के डबल बेंच का आदेश मानते हुए चुनाव
कराए. पत्र की एक कॉपी डीसी विजया जाधव को भी भेजी गई
है. टेल्को वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष आकाश दुबे और सदस्य हर्षवर्धन ने बताया कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फैसला किया है कि टाटा मोटर्स में चुनाव कराया
जाए. लेकिन, अभी तक कंपनी उसके फैसले को नहीं मान कर मामले को कानूनी
दांवपेच में उलझाना चाहती
है. टेल्को वर्कर्स यूनियन ने डीसी को भी कोर्ट के आदेश की कॉपी सौंपी
थी. उन्होंने जिला प्रशासन से भी मांग की कि टाटा मोटर्स में चुनाव कराया
जाए. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-villagers-stopped-the-road-being-built-on-forest-land-protested/">नोवामुंडी
: वन भूमि पर बनाई जा रही सड़क का निर्माण कार्य ग्रामीणों ने रोका, जताया विरोध मजदूरों से 52 घंटे काम लेने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं
टेल्को वर्कर्स यूनियन ने कारखाना निरीक्षक से शिकायत की थी कि टाटा मोटर्स में कर्मचारियों से 52 घंटे काम लिया जाता
है. जबकि नियमानुसार 48 घंटे ही काम लिया जाना
है. जो ओवर टाइम लिया जा रहा
है. उसका भुगतान भी नहीं किया जा रहा
है. कारखाना निरीक्षक ने टाटा मोटर्स को नोटिस जारी की
थी. लेकिन, अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई
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