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जमशेदपुर : टाटा स्टील ने जमशेदपुर वर्क्स में ब्लास्ट फर्नेस में हाइड्रोजन गैस इंजेक्शन के लिए परीक्षण किया शुरू

Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : टाटा स्टील ने अपने जमशेदपुर वर्क्स में ``ई`` ब्लास्ट फर्नेस में 40% इंजेक्शन सिस्टम का उपयोग करके हाइड्रोजन गैस के इंजेक्शन का परीक्षण शुरू किया है. दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी ब्लास्ट फर्नेस में इतनी बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन गैस लगातार डाली जा रही है. परीक्षण 23 अप्रैल, 2023 को शुरू हुआ और लगातार 4-5 दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया:">https://lagatar.in/chakulia-wild-elephants-trampled-hot-paddy-crop-in-sampadhara/">चाकुलिया:

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टाटा स्टील नवाचार का लाभ उठाने के लिए समर्पित है - उत्तम सिंह

[caption id="attachment_617837" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/blast-furnace-tata-steel-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> ब्लास्ट फर्नेस की फोटो.[/caption] टाटा स्टील के आयरन मेकिंग उपाध्यक्ष उत्तम सिंह ने कहा कि लंबे समय से ब्लास्ट फर्नेस में लौह अयस्क के एक महत्वपूर्ण रिडक्टेंट के रूप में हाइड्रोजन को जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है. औद्योगिक प्रक्रियाओं को हरित बनाने की अनिवार्यता को देखते हुए, हाइड्रोजन ईंधन का उपयोग बहुत अधिक हो रहा है और इसे पहले की तरह बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील नवाचार का लाभ उठाने के लिए समर्पित है. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया:">https://lagatar.in/chakulia-wild-elephants-trampled-hot-paddy-crop-in-sampadhara/">चाकुलिया:

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टाटा स्टील औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में प्रतिबद्ध - देवाशीष

वहीं टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्नोलॉजी एंड आरएंडडी) डॉ. देवाशीष भट्टाचार्जी ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी में इंडस्ट्री लीडर बनने की अपनी कोशिश में और टेक्नोलॉजी डीकार्बोनाइजेशन की अपनी खोज में टाटा स्टील ने कार्बन डायरेक्ट अवॉइडेंस (सीडीए) और सीओ2 कैप्चर एंड यूज के दो-आयामी दृष्टिकोण को अपनाया है. टाटा स्टील औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है. इस संबंध में पहले ही कई कदम उठाया जा चुका है. इसमें 2022 की शुरुआत में निरंतर कोल बेड मीथेन (सीबीएम) इंजेक्शन का परीक्षण करना, सितंबर 2021 से 5 टन प्रति दिन की स्थापना और निरंतर संचालन शामिल है. इसे भी पढ़ें :आर्मी">https://lagatar.in/army-land-scam-7-accused-presented-in-court-all-sent-to-jail/">आर्मी

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