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जमशेदपुर: टाटा स्टील दलित निबंधित कर्मचारी पुत्र संघ तीन मार्च को करेंगे प्रदर्शन

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Jamshedpur: टाटा स्टील दलित निबंधित कर्मचारी पुत्र संघ सफाई कर्मियों की सीधी नियुक्ति की मांग को लेकर तीन मार्च को प्रदर्शन करेगा. ज्ञात हो कि तीन मार्च टाटा स्‍टील संस्‍थापक दिवस के रूप में मनाती है. संघ के नेताओं ने आज मंगलवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में मीडियाकर्मियों को विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी. संघ के संरक्षक पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से संघ द्वारा सफाई कर्मियों की सीधी नियुक्ति की लड़ाई लड़ी जा रही है. यह अब अंतिम चरण पर है. यदि टाटा प्रबंधन द्वारा उनकी बातें नहीं सुनी जाएगी तो संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा. जिसकी सारी जिम्मेवारी टाटा प्रबंधन की होगी. इसे भी पढ़ें: फुटपाथ">https://lagatar.in/pavement-shopkeeper-case-hc-said-removal-of-shops-due-to-law-and-order-is-not-a-solution-sought-response-from-rmc-and-government/">फुटपाथ

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टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के उदासीन रवैये से संघ आहत

इस मौके पर संघ के अध्यक्ष चैतन्य चौसा मुखी ने कहा कि टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा सफाई कर्मियों की सीधी भर्ती बंद कर सफाई कार्य जैसे स्थायी कार्य को एक साजिश के तहत अस्थायी कार्य में तब्दील कर दिया गया है जो सरासर अन्याय है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के उदासीन रवैये से संघ आहत है. पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने बताया कि प्रारंभिक दौर से ही दलित आदिवासी साफ-सफाई का कार्य स्थायी कर्मचारी के रूप में करते आ रहे हैं. लेकिन साजिश के तहत टाटा स्टील द्वारा हेल्थ डिपार्टमेंट को बंद कर 2004 में जुस्को हेल्थ विभाग बनाया गया और परमानेंट नेचर ऑफ जॉब को टेंपरेरी जॉब के रूप में तब्दील कर लोगों से काम लिया जाने लगा.

सफाई कर्मियों के लिये शिक्षा की अनिवार्यता दलित आदिवासियों के साथ नाइंसाफी

पूर्व मंत्री ने बताया कि कंपनी में निबंधित पुत्रों की भर्ती के लिए मैट्रिक पास अनिवार्य कर दिया गया है. जिसके कारण अधिकांश दलित आदिवासी सफाई कर्मी के निबंधित पुत्र स्वतः बाहर हो गए. उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों के लिये शिक्षा की अनिवार्यता दलित आदिवासियों के साथ नाइंसाफी है. उन्होंने कहा कि 3 मार्च को टाटा स्टील निबंधित कर्मचारी पुत्र संघ द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा.  प्रेस वार्ता में उमेश मुखी, हेमंत नाम, विजय नायक सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: यूक्रेन">https://lagatar.in/the-effect-of-ukraine-crisis-was-visible-on-the-indian-stock-market-9-point-1-lakh-crores-of-investors-drowned-in-5-days/">यूक्रेन

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