Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : टाटा स्टील फाउंडेशन ने क्रेडिट
एग्रीकोल कॉरपोरेट एंड
इंवेस्टमेंट बैंक (सीए-सीआईबी) के सहयोग से तीन मस्ती की पाठशाला केंद्रों पिपला, राजनगर और
सरजामदा में सौर पैनल स्थापित
किया. टीएसएफ द्वारा सीए-सीआईबी के सहयोग से फील्ड समन्वयकों को कई ई-स्कूटर मुहैया कराया गया जो गांवों में कई कार्यक्रमों की देखरेख करते
हैं. हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा स्टील फाउंडेशन की शिक्षा टीम कार्बन
रेजिलिएंट बनने और दैनिक उपयोग के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के लिए सकारात्मक प्रयास कर रही
है. इस क्रम में
टीएसएफ द्वारा मस्ती की पाठशाला में सोलर पैनल लगाया
गया. इससे छात्र लाभान्वित
होंगे. गर्मियों में छात्रों को पढ़ाई के दौरान बिजली कटने से छात्रों को होने वाले परेशानियों से निजात मिलेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित
होगा. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-educational-test-of-children-taken-in-summer-camp/">चाईबासा
: समर कैंप में बच्चों का लिया गया एजुकेशनल टेस्ट ई-स्कूटर चलाते समय भी यातायात नियमों का पालन जरूरी
[caption id="attachment_650887" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/JSR-Masti-2_982-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> मस्ती की पाठशाला में शौचालय को देखते सौरभ रॉय.[/caption] इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सौरव रॉय ने कहा कि यह खुशी का एक
बड़ा क्षण है क्योंकि हमने न केवल आवागमन की समस्या का समाधान ढूंढ लिया है बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि यह पर्यावरण के अनुकूल
हों. हालांकि, सुरक्षा नियम हम सभी के लिए सबसे पहले आते
हैं. अगर कोई ई-स्कूटर चला रहा है तो उसके लिए भी यातायात नियमों का पालन करना जरूरी
है. उन्होंने कहा कि
कमिंस इंडिया फाउंडेशन के साथ सहयोग इस अवसर में मील का पत्थर
जोड़ता है, जिन्होंने
टीएसएफ के परिचालन क्षेत्रों में से एक पिपला में शौचालय ब्लॉकों के निर्माण और विकास में सहायता की
है. पिपला जमशेदपुर के उपनगरीय इलाके में स्थित एक आवासीय ब्रिज कोर्स सेंटर है जिसमें 100
लड़कियां रहती
हैं. इसे भी पढ़ें : गांडेय">https://lagatar.in/gandey-former-mla-jayprakash-verma-visited-many-villages/">गांडेय
: पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने कई गांवों का किया दौरा गर्मियों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है
मस्ती की पाठशाला कार्यक्रम बच्चों के सीखने की क्षमता में जबरदस्त उन्नति का अनुभव कर रहा
है. इस कार्यक्रम से
जुड़े प्रत्येक बच्चे का शैक्षणिक प्रदर्शन हर दिन बेहतर होता जा रहा
है. बच्चे सीमित संसाधनों और सुविधाओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे
हैं. मस्ती की पाठशाला को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक कदम आगे
बढ़ाते हुए हमने सभी तीन मस्ती की पाठशालाओं में सोलर पैनल स्थापित किया
है. पिपला, राजनगर और
सरजमदा. बाहरी इलाके में होने के कारण, मस्ती की पाठशाला को विशेष रूप से गर्मियों में बहुत अधिक बिजली कटौती का सामना करना
पड़ता है. सोलर फैसिलिटी ने न केवल आवश्यक बिजली की कमी को पूरा किया है बल्कि इस समस्या के लिए एक स्वच्छ ऊर्जा समाधान भी प्रदान किया
है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment