Search

जमशेदपुर: बोड़ाम गेरूवा में नहीं मिली टेंपो, चली गयी बेटी की जान

Jamshedpur (Ashok kumar) : जिले के ही बोड़ाम प्रखंड क्षेत्र में गेरूवा गांव है. इस गांव की 17 साल की बेटी लक्ष्मी सोरेन की इस कारण से जान चली गयी क्योंकि उसे इलाज के लिये समय पर एमजीएम अस्पताल नहीं लाया जा सका. दूसरे दिन शुक्रवार को टेंपो मिल गयी थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया था. अस्पताल में उसकी मां शांति सोरेन और भाई सनत का भी इलाज चल रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jsr-jamshedpur-home-guard-rahul-strangled-his-wife-to-death/">जमशेदपुर:

होमगार्ड राहुल ने गला दबाकर की पत्नी की हत्या

गुरुवार को थी उल्टी-दस्त की शिकायत

शांति का पति बुधु सोरेन ने बताया कि उसकी पत्नी, बेटी और बेटा को उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर स्थानीय डॉक्टर को दिखाया था. डॉक्टर ने साफ कहा था कि यह बीमारी यहां पर नहीं ठीक होगी क्योंकि लक्षण डायरिया के हैं. उसे एमजीएम अस्पताल लेकर जाने के लिये कहा. गुरुवार को उन्हें टेंपो नहीं मिली थी. शुक्रवार को जब डॉक्टर पहुंचे और पूछा कि अभी तक अस्पताल लेकर क्यों नहीं गये. तब साफ कहा कि कहीं पर टेंपो नहीं मिल रही है. अचानक सुबह 10.40 बजे एक टेंपो को गांव से गुजरते हुये देखा. इसके बाद उसी से सभी को एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे.

एमजीएम अस्पताल पहुंचने में लग गये ढाई घंटे

बुधु सोरेन जब अपनी पत्नी और बेटी को लेकर एमजीएम अस्पताल के लिये चले थे तब टेंपो को ढाई घंटे तक का समय लग रहा है. उनका कहना है कि अगर उन्हें गुरुवार को टेंपो मिल गयी होती तब बेटी की जान बच सकती थी.

माता-पिता हैं दीहाड़ी मजदूरी

लक्ष्मी सोरेन के माता और पिता दीहाड़ी मजदूर हैं. किसी तरह से उनके घर परिवार चलता है. कुछ दिनों पहले ही उनका बेटा तराश सोरेन बीमार पड़ गया था. उसे भी डायरिया की ही शिकायत थी. वह ठीक हो गया है. फिलहाल घर  पर उनका एक पांच साल की बेटी रोबिनी सोरेन रह रही है. बाकी लोग तो एमजीएम अस्पताल में ही हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-brother-in-law-arrested-in-murder-of-female-constable-mother-and-daughter/">जमशेदपुर:

महिला सिपाही, मां व बेटी की हत्या में देवर गिरफ्तार
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp