Jamshedpur (Sunil Pandey) : पेड़-पौधे सजीव हैं. इन्हें नुकसान पहुंचाना गैर कानूनी है. उक्त बात जमशेदपुर वन्य प्रमंडल के रेंजर (मानगो) दिग्विजय सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि पेड़ों में कांटी-कील ठोके जाने से उन्हें नुकसान पहुंचता है. जिससे उनके सुखने का खतरा रहता है. उन्होंने कहा कि 5 अगस्त तक टेरीटोरियल डिविजन के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र के लोगों से पेड़ों में ठोके गए कील-कांटी को स्वयं उखाड़ लेने के लिए कहा गया था. उक्त समयसीमा अब समाप्त हो गई है. छह अगस्त के बाद जहां भी ऐसे मामले पाए जाएंगे. जिस कंपनी का पोस्टर, बैनर अथवा होर्डिंग्स वगैर पेड़ों में कील-कांटी के साथ पाया जाएगा उनके खिलाफ वन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें : NIA">https://lagatar.in/nia-gets-success-active-member-of-isis-arrested-from-batla-house-area-of-delhi/">NIA
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