Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को गोविंदपुर में आयोजित जनता दरबार में अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर लोग
पहुंचे. वहीं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा
बहुप्रतिक्षित मांग को जोरदार तरीके से उपायुक्त विजया जाधव के समक्ष उठाया
गया. जिला परिषद सदस्य परितोष सिंह के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों ने 8 सूत्री मांग पत्र
सौंपा. मुख्य रूप से गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के तहत हजारों घरों में पानी नहीं पहुंचना, पाइप लाइन लीकेज और पेयजल की शुद्धता से संबंधित मांग उपायुक्त के समक्ष रखी
गई. उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीओ धालभूम
पियूष सिन्हा और पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को मामले का निरीक्षण का निर्देश
दिया. साथ ही एसडीओ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई जो गोविंदपुर जलापूर्ति योजना की समस्या की निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे.
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: गोविंदपुर में गिट्टी-बालू सप्लायर से लूट, प्राथमिकी दर्ज 8 वर्षों के बाद भी पूर्ण नहीं हो पाया गोविंदपुर जलापूर्ति योजना
जिला परिषद सदस्य परितोष सिंह ने बताया कि 237
करोड़ की लागत से वर्ल्ड बैंक के सहयोग से जलापूर्ति योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी जिसे 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य
था. लेकिन लगभग 8 वर्षों के बाद भी यह योजना पूर्ण रूप से धरातल पर नहीं उतर
पाया. अभी तक हजारों घरों में पानी की सप्लाई नहीं हो रही
है. सैकड़ों जगहों पर पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण हजारों लीटर पानी रोज बर्बाद हो रहे
हैं. विभाग को कई बार लिखित में सूचना दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की
गई. उन्होंने कहा कि उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र के माध्यम से
घोड़ाबांधा जलापूर्ति योजना के तर्ज पर गोविंदपुर जलापूर्ति योजना को भी टाटा स्टील
यूआईएसएल के द्वारा संचालित किया जाने की मांग की
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: कस्तूरबा एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में 782 छात्राओं का होगा नामांकन उपायुक्त ने सभी मामलोंं में कार्रवाई करने का दिया आश्वासन
वहीं गोविंदपुर हाउसिंग कॉलोनी का सीवरेज एवं ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कराने, गोविंदपुर रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराने एवं गोविंदपुर क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पार्क का निर्माण कराने की मांग उपायुक्त से की
गई. सिंह ने कहा कि गोविंदपुर क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पार्क के अभाव में टाटा मोटर्स, टाटा पावर, स्टील स्ट्रिप्स,
नुवोको सीमेंट प्लांट और टाटा
कमिंस जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों की हजारों
गाड़ियां रोड पर
खड़ी रहती
है. इसलिए गोविंदपुर क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पार्क का निर्माण आवश्यक
है. उपायुक्त ने सभी मामलों में कार्रवाई करने का आश्वासन
दिया. [wpse_comments_template]
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