महिला सिपाही, मां व बेटी की हत्या में देवर गिरफ्तार
19 की रात आया था फ्लैट में
एसएसपी ने बताया कि 19 जुलाई की रात 10.30 बजे चालक रामचंद्र फ्लैट में पहुंचा था. इस बीच वह रात के 12 बजे तक फ्लैट में ही था. अचानक से सविता के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद उसने सविता पर गियर के रॉड से सिर पर हमला कर दिया. आवाज सुनकर बेटी गीता पहुंची तो उसपर भी रॉड से ही हमला कर दिया. थोड़ी देर में ही उसकी मां लखिया पहुंची तब उसपर भी रॉड से ही हमला करके मुर्छित कर दिया. इसके बाद जबतक तीनों ने दम नहीं तोड़ा तबतक उनकी रॉड से पिटायी की गयी. [caption id="attachment_366893" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="399" /> महिला सिपाही सविता, उसकी बेटी गीता और उसकी मां लखिया मुर्मू (फाइल फोटो).[/caption]
बाहर से फ्लैट के दरवाजे पर लगा दिया था ताला
घटना को अंजाम देने के बाद चालक फ्लैट के बाहर दरवाजे पर ताला लगाकर फरार हो गया. दूसरे दिन 20 जुलाई को उसने ड्यूटी नहीं की. इसके बाद 21 जुलाई को पहले की तरह ही ड्यूटी पर आया और एसएसपी की गाड़ी चलाने लगा. दूर के रिश्ते के देवर तक जब पुलिस पहुंची तब पता चला कि इसमें एसएसपी ऑफिस का चालक रामचंद्र शामिल हो सकता है. सख्ती से पूछताछ के बाद वह टूट गया और अपना अपराध स्वीकर कर लिया.22 जुलाई को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
चालक को पुलिस ने 22 जुलाई को दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद उसने सारे राज खोल दिये. उसने बताया कि वह सविता के प्रेमी को ही रास्ते से हटाना चाहता था.चालक से छह साल से थी दोस्ती
सविता के पति की हत्या 2014 में हुई थी और उसे 2015 में पुलिस की नौकरी मिली थी. 2016 में चालक से जान पहचान हो गयी थी. चालक पहले से ही शादी-शुदा है और उसका अपना आवास सोनारी के कागलनगर में है. उसका बराबर सविता के फ्लैट में आना-जाना था.15 घंटे में पुलिस ने किया मामले का खुलासा
पूरे मामले का खुलासा एसएसपी ने घटना के 15 घंटे के भीतर ही कर दिया है. घटना का उद्भेदन करने के लिये सिटी एसपी के विजय शंकर, एएसपी सुभांशु जैन, शहर के सभी डीएसपी, गोलमुरी थाना प्रभारी, सिदगोड़ा थाना प्रभारी समेत टीम को लगाया गया था. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का रॉड (गियर) और आरोपी का पहना हुआ कपड़ा भी बरामद कर लिया है.क्या था मामला
21 जुलाई की रात फ्लैट से दुर्गंध आने की सूचना पर एसएसपी खुद गोलमुरी पुलिस लाइन पहुंचे थे और उनकी मौजूदगी में ही फ्लैट का ताला तोड़ा गया था. दरवाजा खुलते ही देखा गया था कि तीन शव कमरे में पड़े हुये हैं. गीता का शव पलंग पर पड़ा हुआ था जबकि मां और बेटी का शव फर्श पर था. घटना के बाद शक की सूई उसके देवर की तरफ था, लेकिन अंत में एसएसपी का सरकारी चालक ही हत्यारोपी निकला. घटना के बाद लगातार न्यूज ने लव ट्रायंगल की तरफ इशारा किया था और अंततः मामला ठीक वही निकला. इसे भी पढ़ें : सीरियल">https://lagatar.in/pankaj-dubey-of-paramjit-gang-emerged-like-a-don-in-serial-crime/">सीरियलक्राइम में डॉन की तरह उभरा था परमजीत गैंग का पंकज दुबे [wpse_comments_template]

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