: सालखन ने दुमका से किया आदिवासी विद्रोह का शंखनाद
आजादी के बाद पहली बार होगा सड़क का निर्माण होगा
पूर्व पार्षद करूणामय मंडल ने बताया कि बिंगबुरू गांव जाने के लिए लोग पगडंडीनुमा कच्चे रास्ते का सहारा लेते हैं. बिंगबुरु गांव से हाता- टाटा मुख्य सड़क में भुंड़ीडीह गांव तक की दुरी मात्र चार किलोमीटर है. स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने वर्षों बाद भी उक्त रास्ता की स्थिति नहीं सुधरने के कारण उक्त आदिवासी बहुल गांव सर्वांगीण विकास से वंचित है. उन्होंने बताया कि उक्त रास्ते के बीच से एक रेल मार्ग भी गुजरती है. जहां ओवरव्रिज की भी जरूरत है. रास्ता बन जाने से ना सिर्फ बिंगबुरु गांव अपितु राजाबासा, हतनाबेड़ा, चांदपुर आदि निकटस्थ अनेकों गांवों की दूरी काफी कम हो जाएगी तथा उक्त सभी गांव जमशेदपुर जाने वाली मुख्य सड़क से जुड़ जायेंगे. प्रतिनिधि मण्डल में शिव चरण टुडू एवं रबिन हांसदा भी शामिल थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kanhaiya-accused-of-robbing-4000-rupees-and-throwing-hot-tea/">जमशेदपुर: कन्हैया पर ठेलावाले ने लगाया 4000 लूटने व गर्म चाय फेंकने का आरोप [wpse_comments_template]

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