Ashok kumar
Jamshedpur : टाटानगर रेलवे स्टेशन के बगल में बर्मामाइंस को जोड़ने के लिये रेलवे और टाटा स्टील की ओर से डेढ़ दशक पहले रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया था. इसपर आज 50 से भी ज्यादा गड्ढ़े निकल आए हैं. इन गड्ढ़ों को भरने की तरफ किसी भी रेल अधिकारी का ध्यान नहीं गया है. रेलवे ओवरब्रिज की मेंटेनेंस का काम रेल अधिकारियों के जिम्मे ही है, लेकिन वे बिल्कुल ही अपना मुंह फेरे हुए हैं. इस विषय पर कोई भी रेल अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. उनका साफ कहना होता है कि उन्हें रेलवे ओवरब्रिज के बारे में पहले की कोई जानकारी नहीं है. वर्तमान में पदस्थापित टाटानगर स्टेशन के रेल अधिकारी यह कहकर टाल-मटोल कर जाते हैं कि मामले में कुछ वरीय रेल अधिकारी ही बोल सकते हैं. इधर रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग भी चुप्पे साधे हुए है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/jharkhand-news-ranchi-man-killed-after-being-hit-by-stone-in-tatisilve-police-engaged-in-investigation/">रांची: टाटीसिल्वे में पत्थर से कूचकर व्यक्ति की हत्या, पुलिस जांच में जुटी
बनने के बाद से ही है विवाद
रेलवे ओवरब्रिज को वर्ष 2007 में पूरा कर लिया गया था, लेकिन ओवर ब्रिज पर दरार होने के कारण यह सुखिर्यों में बना हुआ था. इस कारण से इस रेलवे ओवरब्रिज का डेढ़ दशक के बाद भी उद्घाटन नहीं कराया गया. बिन उद्घाटन के ही ओवरब्रिज को चालू कर दिया गया था. तब रेलमंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे. चर्चा थी कि अगर उन्हें इसकी जानकारी दी गयी, तो वे बरस पड़ेंगे. इस कारण से बिन उद्घाटन के ही ओवरब्रिज को चालू कर दिया गया. [caption id="attachment_289138" align="aligncenter" width="555"]alt="" width="555" height="370" /> स्टेशन का रेलवे ओवरब्रिज.[/caption]
डेढ़ दशक से दिख रही है ढलाई की छड़
रेलवे ओवरब्रिज की ढलाई के समय गुणवत्ता पर कितना ध्यान दिया गया था इसका उदाहरण आज भी देखा जा सकता है. आज भी रेलवे ओवरब्रिज पर ढलाई की छड़ देखे जा सकते हैं. दो माह पूर्व ही छड़ को लापरवाही से ढक दिया था, लेकिन आज भी वहां से वाहन चालकों का गुजरना परेशानी का सबब ही बना हुआ है.उफ्फ करते हैं वाहन चालक
टाटानगर स्टेशन के रेलवे ओवरब्रिज को पार करते समय दो पहिया वाहन चालक हो या भारी वाहन के चालक उफ्फ कर जाते हैं. उन्हें गुड फील महसूस नहीं होता है. ओवर ब्रिज को पार करने के बाद लोग रेल अधिकारियों को कोसना नहीं भुलते हैं. पूरी सड़क पर 50 से भी ज्यादा गड्ढ़े निकल आए हैं. इन गड्ढ़ों को भरने तक का काम नहीं किया जा रहा है. जब ब्रिज पर दरार आ गयी थी, तब दरारों को छिपाने के लिए पीसीसी सड़क पर पीच (अलकतरा) का परत बनाया गया था. अब इस परत की भी कलई खुलने लगी है. इसे भी पढ़ें : मोहन">https://lagatar.in/mohan-bhagwat-said-sanatan-dharma-is-the-only-hindu-nation-in-15-years-the-country-will-again-be-a-united-india/">मोहनभागवत ने कहा, सनातन धर्म ही हिंदू राष्ट्र है, 15 साल में देश फिर से अखंड भारत होगा [wpdiscuz-feedback id="wqtsmx3mhm" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback]

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