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जमशेदपुर : श्रीराम ने पिता के लिए जो त्याग किया, उसकी मिसाल नहीं मिलती : सतश्री

Jamshedpur (Sunil Pandey) : बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में 12 से 18 मार्च तक चल रही श्रीराम कथा में सूरत (गुजरात) से आए परम पूज्य सतश्री प्रवचन दे रहे हैं. कथा के पांचवें दिन गुरुवार को सतश्री ने राम के वनगमन का प्रसंग सुनाया. संतश्री ने कहा कि जब राम ने भरत को राजगद्दी सौंपी, तो उस समय भरत व राम में जो संवाद हुआ, वह भाई-भाई के प्रेम का अतुलनीय उदाहरण बन गया. पिता पुत्र के लिए हर त्याग करता है, लेकिन आज कोई पुत्र पिता के लिए इतना बड़ा त्याग नहीं कर सकता. संतश्री ने एक कविता सुनाकर एक पिता के विशाल हृदय का उदाहरण दिया. भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को सुख-शांति का उपाय बताने वाली संस्कृति है. बिजनेस में दो चीज महत्वपूर्ण है, पहला प्रोडक्ट की क्वालिटी और दूसरी अच्छी मार्केटिंग होनी चाहिए. भारतीय संस्कृति का प्रोडक्ट अच्छी ही है, बस मार्केटिंग करने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-50-rupees-were-being-collected-in-the-name-of-bonafide-certificate-aidso-protested/">चांडिल

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भारतीय संस्कृति की मार्केटिंग करने की जरूरत

नारी शक्ति का बखान करते हुए कहा कि जो कन्या की हत्या करता है, वह पाप भगवान कभी सहन नहीं करेंगे. कोई भी प्रकार से भ्रूण हत्या नहीं करनी चाहिए. धरती पर इंसान ही है, जो कन्या की हत्या करता है। बेटा-बेटी में कोई दुराग्रह नहीं रखना चाहिए. स्वामी नारायण ने नारी को सशक्त बनाने के लिए कई मार्ग बताए हैं. जो महिलाएं भ्रूण हत्या बचाने के लिए जो काम कर रही है, उनकी सराहना होनी चाहिए. गुजरात में भी पहले काफी भ्रूण हत्या हुई. शादी के लिए लड़की नहीं मिलती है। जहां लड़के मिलते हैं, वहां ऐसे-ऐसे डिमांड होते हैं कि लोग चकित हो जाएंगे. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-radha-govind-naam-jaap-mahayagya-started-in-harimandir/">आदित्यपुर

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कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद

प्रवचन की शुरुआत स्वामी नारायण गाइए...भजन से की, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय गायन की प्रतिभा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. सतश्री ने बताया कि आज मैं दलमा जंगल गया था, भगवान का दर्शन करने. गुजरात के गिर और कच्छ का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यापक प्रचार कराया. अमिताभ बच्चन कहते थे, कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा. देश में ऐसे कई स्थान हैं, बस उन्हें प्रचार की आवश्यकता है. कथा श्रवण करने वालों में अमरप्रीत सिंह काले, रघुनाथ पांडेय, दीपक भालोटिया, दिनेश अग्रवाल, प्रकाश कामेलिया (रांची), प्रवीण चौहान (धनबाद), हरिशंकर सोंथालिया, सुरेश सोंथालिया, राजेश चावडा, दिनेश सोंथालिया, किशन सोंथालिया, महेश सोंथालिया, विपिन भाई आडेसरा, आनंद चौधरी, दिलीप गोयल, बीएन शर्मा, जयेश अमीन, भरत वसानी,  पवन शर्मा, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-anishs-body-reached-the-city-from-palamu-crowd-gathered-in-the-last-journey/">जमशेदपुर

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