Jamshedpur (Anand Mishra) : झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा है कि राज्य सरकार राज्य भर के विश्वविद्यालयों के अधीन विधानसभा स्तर पर डिग्री कॉलेज खोल रही है. यह अच्छी पहल है. संघ इस कार्य के लिए सरकार को बधाई देता है. इसके साथ ही राकेश पाण्डेय ने कहा है कि जितने महाविद्यालय पहले से हैं, उसी में पठन-पाठन सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. न शिक्षक हैं, न शिक्षकेतर कर्मचारी, न सुरक्षा गार्ड और न ही सफाई कर्मी हैं. अतः इन पदों पर भी नियुक्ति को भी प्राथमिकता दी जाए. इनके बिना महाविद्यालय का क्या होगा? इसे भी पढ़ें : सीयूजे">https://lagatar.in/cuj-becomes-battlefield-fight-between-assistant-registrar-and-security-in-charge/">सीयूजे
बना अखाड़ाः सहायक रजिस्ट्रार और सिक्योरिटी इंचार्ज में मारपीट पांडे ने कहा है कि कई ऐसे कॉलेज खुले हैं जिनमें पद भी स्वीकृत हैं, लेकिन भवन के आभाव में पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है. सरकार को ऐसे कॉलेज का संचालन तब तक किसी दूसरे सरकारी भवन या किराए पर करना चाहिए, जब तक अपना भवन नहीं बन जाता. जुगसलाई विधानसभा में ऐसा ही कॉलेज है, जहां पद स्वीकृत है, लेकिन भवन नहीं है. ऐसा ही मामला जमशेदपुर में पहले चलने वाले जनता पारीक कॉलेज का रहा है. उसमें भी पद स्वीकृत है, लेकिन भवन नहीं होने के कारण पढाई नहीं हो पा रही है. सरकार इन दोनों को भी चालू कराए. राकेश पांडेय ने कहा है कि मुख्यमंत्री इसी इसी क्षेत्र के हैं. आज भी दो विधानसभा में डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया जाना है. सरकार ध्यान रखे कि महाविद्यालय बना देने से काम न होगा, बल्कि उसमें समूचित पठन-पाठन हो, इसकी व्यवस्था भी करनी होगी. तभी कॉलेज खोलना सार्थक होगा, अन्यथा खानापूर्ति मात्र होकर रह जाएगा. [wpse_comments_template]
बना अखाड़ाः सहायक रजिस्ट्रार और सिक्योरिटी इंचार्ज में मारपीट पांडे ने कहा है कि कई ऐसे कॉलेज खुले हैं जिनमें पद भी स्वीकृत हैं, लेकिन भवन के आभाव में पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है. सरकार को ऐसे कॉलेज का संचालन तब तक किसी दूसरे सरकारी भवन या किराए पर करना चाहिए, जब तक अपना भवन नहीं बन जाता. जुगसलाई विधानसभा में ऐसा ही कॉलेज है, जहां पद स्वीकृत है, लेकिन भवन नहीं है. ऐसा ही मामला जमशेदपुर में पहले चलने वाले जनता पारीक कॉलेज का रहा है. उसमें भी पद स्वीकृत है, लेकिन भवन नहीं होने के कारण पढाई नहीं हो पा रही है. सरकार इन दोनों को भी चालू कराए. राकेश पांडेय ने कहा है कि मुख्यमंत्री इसी इसी क्षेत्र के हैं. आज भी दो विधानसभा में डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया जाना है. सरकार ध्यान रखे कि महाविद्यालय बना देने से काम न होगा, बल्कि उसमें समूचित पठन-पाठन हो, इसकी व्यवस्था भी करनी होगी. तभी कॉलेज खोलना सार्थक होगा, अन्यथा खानापूर्ति मात्र होकर रह जाएगा. [wpse_comments_template]
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