Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में बुधवार को ``इंजीनियरिंग अलॉयज में मेटलोग्राफी प्रेक्टिसेज (एमपी``23)`` पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ हुआ. सेल, बोकारो स्टील प्लांट के प्रतिभागी कार्यशाला में हिस्सा ले रहे हैं. आयोजकों ने बताया कि कार्यशाला प्रतिभागियों को स्टील्स के संरचनात्मक लक्षण वर्णन की व्यापक झलक प्रदान करेगी. विभिन्न लक्षण वर्णन तकनीकों के विवरण के अलावा विभिन्न प्रासंगिक मानकों के लिए एक संक्षिप्त अनुकूलन भी दिया जाएगा जो ऑन-साइट पर इस्पात उत्पादों की गुणवत्ता का आकलन करते समय दिशा-निर्देशों के रूप में कार्य कर सकता है. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/election-of-jharkhand-police-association-postponed/">झारखंड
पुलिस एसोसिएशन का चुनाव स्थगित उद्घाटन समारोह की शुरुआत सीएसआईआर-एनएमएल में मैटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख व मुख्य वैज्ञानिक डॉ संदीप घोष चौधरी स्वागत भाषण के साथ की. इसमें उन्होंने संयंत्र स्थल पर गुणवत्ता मूल्यांकन सुधार के संदर्भ में कार्यक्रम के महत्व का संक्षेप में वर्णन किया. इसके बाद प्रतिभागियों के साथ एक परिचय सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन सामग्री अभियांत्रिकी प्रभाग के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ मैनक घोष ने किया. उद्घाटन सत्र के समापन पर सामग्री इंजीनियरिंग प्रभाग के प्रधान वैज्ञानिक व कार्यक्रम के तकनीकी समन्वयक डॉ वी रजनीकांत ने धन्यवाद ज्ञापन किया. यह कार्यक्रम 16 जून तक चलेगा, जिसमें बुनियादी सिद्धांतों से लेकर विस्तृत मामले के अध्ययन और प्रदर्शनों तक की गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी. [wpse_comments_template]
पुलिस एसोसिएशन का चुनाव स्थगित उद्घाटन समारोह की शुरुआत सीएसआईआर-एनएमएल में मैटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख व मुख्य वैज्ञानिक डॉ संदीप घोष चौधरी स्वागत भाषण के साथ की. इसमें उन्होंने संयंत्र स्थल पर गुणवत्ता मूल्यांकन सुधार के संदर्भ में कार्यक्रम के महत्व का संक्षेप में वर्णन किया. इसके बाद प्रतिभागियों के साथ एक परिचय सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन सामग्री अभियांत्रिकी प्रभाग के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ मैनक घोष ने किया. उद्घाटन सत्र के समापन पर सामग्री इंजीनियरिंग प्रभाग के प्रधान वैज्ञानिक व कार्यक्रम के तकनीकी समन्वयक डॉ वी रजनीकांत ने धन्यवाद ज्ञापन किया. यह कार्यक्रम 16 जून तक चलेगा, जिसमें बुनियादी सिद्धांतों से लेकर विस्तृत मामले के अध्ययन और प्रदर्शनों तक की गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी. [wpse_comments_template]
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