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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला में निबंधित है तीन लाख असंगठित क्षेत्र के मजदूर

 
Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : भारतीय अर्थव्यवस्था में अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र से जुड़े रोजगारों का बड़ा योगदान है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की अपनी विशेषता है. आर्थिक सर्वेक्षण 2007-08 के अनुसार भारत में कार्यरत 93 प्रतिशत कामगार स्वरोजगार और असंगठित क्षेत्र से जुड़े थे. भारत सरकार के श्रम मंत्रालय को असंगठित श्रम बल के अनुसार- व्यवसाय, रोजगार की प्रकृति, विशेष रूप से व्यथित श्रेणियों और सेवा श्रेणियों के मामले में चार समूहों के तहत वर्गीकृत किया गया है. श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है. पूर्वी सिंहभूम में कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्टान होने के बावजूद असंगठित क्षेत्र के लिए हब माना जाता है. पूर्वी सिंहभूम में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की बात करें तो श्रम विभाग के अनुसार 3 लाख 4 हजार 987 रुपये कामगार निबंधित है. जिसमें 84,987 हजार कामगार केवल निर्माण क्षेत्र में कार्यरत है, शेष 2.20 लाख हजार स्वरोजगार एवं अन्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-cleaning-contract-workers-of-guava-cell-demonstrated-on-various-demands/">किरीबुरू

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असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मिला 3.78 करोड़ का लाभ

इस संबंध में उपश्रमायुक्त राजेश कुमार ने संवाददाता को बताया कि जिले में विभाग द्वारा लगातार असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को निबंधित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है. सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार किसी प्रतिष्ठान एवं कंपनी में 100 या 100 से अधिक संख्या में मजदूर कार्यरत हैं तो वहां मई माह के अंत तक कार्य समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है. कार्य समिति गठित करने के पश्चात इसकी सूचना विभाग को देना अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि कार्य समिति में प्रबंधन एवं निबंधित यूनियन के सदस्य होंगे और जहां निबंधित यूनियन नहीं है वहां कर्मचारियों के प्रतिनिधि कार्य समिति में शामिल रहेंगे. कार्य समिति प्रत्येक माह कार्य स्थल पर कर्मचारियों होने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उसका समाधान निकालने का प्रयास करेगी. उपश्रमायुक्त के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित 15 विभिन्न योजनाओं के तहत असंगठित क्षेत्र में कार्यरत 7,434 मजदूरों को  3 करोड़ 78 लाख 6 हजार 772 रुपए राशि का लाभ मिला है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि 14 वर्ष के कम आयु के बच्चों से काम ना कराए बल्कि उन्हें स्कूल भेजें. वहीं 14 से 18 वर्ष के बच्चों से गंभीर अथवा भारी काम लेना नियम विरुद्ध है. [wpse_comments_template]
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