एक्ट 1991 की धारा 2, 3, 4 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करनेवाला एक्ट बताया गया
सर्वे से क्या-क्या चलेगा पता
शहर की 3डी मैपिंग बनने के बाद इसकी एचडी इमेज व एचडी वीडियो जेएनएसी के पास होगा. सर्वे से यह पता चल जाएगा कि कहां सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है. कितनी सरकारी जमीन खाली है. कहां पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है. सर्वे होने के बाद सरकारी जमीन को खाली कराने का अभियान चलाया जाएगा. साथ ही जिस जगह पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, उसे भी ठीक किया जाएगा.योजना तैयार करने में मिलेगी मदद
जेएनएसी को सड़क, नाली सामुदायिक भवन, पार्क आदि के लिये योजना तैयार करने को इलाके का भौतिक सर्वे करना पड़ता है. 3डी मैपिंग सर्वे होने के बाद यह पता चल जाएगा कि शहर में कहां सड़क की जरूरत है. कहां नाली की जरूरत है. कहां जलभराव हो रहा है. कहां ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया जाना है. इस तरह जेएनएसी को विकास की योजनाएं बनाने में आसानी होगी.नक्शा विचलन पर भी लगेगी लगाम
थ्री डी मैपिंग सर्वे में शहर की इमारतों का पूरा खाका होगा. कौन सी इमारत कितने मंजिल की है. इसका एचडी वीडियो जेएनएसी के पास होगा. समय-समय पर जेएनएसी यह सर्वे कराती रहेगी. इससे पता चल जाएगा कि किस इमारत में नक्शा विचलन हुआ है. नक्शे का उल्लंघन करते हुए कितनी मंजिला इमारत बनाई गई है. 3 डी मैपिंग सर्वे के बाद बिल्डरों पर शिकंजा कसने में आसानी होगी.शहर में ग्रीनरी का भी चलेगा पता
अभी जुस्को का दावा है कि जमशेदपुर में 27% हरियाली है. 3डी मैपिंग सर्वे के बाद यह साफ हो जाएगा कि जुस्को का दावा सही है या नहीं. सर्वे से यह पता चल जाएगा कि जमशेदपुर में कितनी हरियाली है और उसके बाद यहां ग्रीनरी को बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी. इसे भी पढ़ें: एलआईसी">https://lagatar.in/after-lic-modi-government-will-sell-stake-in-hindustan-zinc-stamped-in-cabinet-meeting/">एलआईसीके बाद हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार, कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर [wpse_comments_template]

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