alt="" width="600" height="400" /> अमेजन व फ्लिपकार्ट के खिलाफ विरोध रैली निकालते व्यवसायी.[/caption] इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-holi-milan-ceremony-organized-at-bright-way-academy/">चाईबासा
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अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ की नारेबाजी
इस दौरान भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को बेहद विषाक्त करने तथा उसके स्वरूप को विकृत करने के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए प्रमुख व्यापारिक संगठनों से जुड़े व्यापारियों ने बड़ी संख्या में साकची गोलचक्कर पर एकत्रित होकर और हाथों में अमेजन और फ्लिपकार्ट के पुतले लेकर नारेबाजी की. नारेबाजी के बीच कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया और भरत वासनी ने दोनों पुतलों को मुखाग्नि देते हुए कहा की यह अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है जो न केवल सामानों की आपूर्ति में बल्कि खाद्यान, ट्रेवल और पर्यटन, मनोरंजन, कैब सेवाएं, टिकटिंग, खाद्य पदार्थों की डिलीवरी, दवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी, शिक्षा एवं ऑनलाइन गेम सहित अन्य रिटेल क्षेत्रों में अपनी मनमानी करते हुए व्यापारियों के व्यापार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कैट अन्य राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी ई-कॉमर्स कंपनियां या तो नियमों का पालन करें या अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को भारत में बंद कर दें. इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-holi-milan-ceremony-organized-at-raikera-iti-college/">मनोहरपुर: रायकेरा आईटीआई कॉलेज में होली मिलन समारोह आयोजित
भारत में घाटा दिखाकर टैक्स देने से मुंह चुरा रही है ई-कॉमर्स कंपनियां
सिंहभूम चेम्बर के मानव केडिया, महेश सोन्थलिया, दिलीप गोलेछा, नीतीश धूत और किशोर गोलेच्छा ने सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों के व्यापार मॉड्यूल की जांच करने का जोरदार आग्रह किया क्योंकि हर कंपनी साल दर साल अपने व्यापार में भारी नुकसान दिखा रही है लेकिन उसके बावजूद भी देश में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को जारी रखे हुए है. ऐसा प्रतीत होता है कि ये कंपनियां रॉयल्टी के रूप में भारी मात्रा में पैसा अपने मूल देशों में स्थानांतरित कर रही हैं और भारत में घाटा दिखाकर टैक्स देने से मुंह चुरा रही है. कमल सिंघानिया, दिलीप गोयल और निलेश वोरा, सत्यनारायण अग्रवाल, राजा सिंह और पीएल गौतम ने कहा कि ई-कॉमर्स नीति एवं ई-कॉमर्स के नियमों को लागू करने का मामला लंबे समय से लंबित है. जब अन्य सभी व्यवसायों के लिए नियम और कानून बनाए गए हैं तो ई-कॉमर्स के लिए नियम-कानून क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-holi-milan-ceremony-of-sahu-samaj-organized-in-sidhgora/">जमशेदपुर: सिदगोड़ा में साहू समाज का होली मिलन समारोह आयोजित

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