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जमशेदपुर : आदिवासी कुड़मी समाज ने नौ सूत्री मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पर दिया धरना

Jamshedpur (Sunil Pandey) : आदिवासी-कुड़मी समाज ने सोमवार को नौ सूत्री मांगों के समर्थन में उपायुक्त कार्यालय पर धरना दिया गया. धरना का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सुधांशू महतो ने की. इस दौरान हाथों में तख्तियां लिए समाज के लोग मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. धरना के उपरांत मांगों से जुड़ा प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त की अनुपस्थिति में पत्र प्राप्ति शाखा में जमा किया. जिलाध्यक्ष सुधांशू महतो ने बताया कि कुड़मी समाज की परंपरा एवं रिति रिवाज से अनुसूचित जनजाति मेल खाती है. दोनों समुदाय वर्षों से एक ही सभ्यता एवं संस्कृति को अपनाते हुए चले आ रहे हैं. लेकिन वर्तनी की त्रुटियों के कारण दूसरे राज्यों में निवास करने वाले कुड़मियों की तरह यहां के जनजातिय समुदाय की मूल पहचान को खत्म कर दिया गया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-civil-surgeon-himself-remained-absent-after-calling-the-disabled-angry-people-protested/">आदित्यपुर

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जबकि अनुसूचित जनजातियों के पर्व-त्योवहार, सभ्यता-संस्कृति, भाषा वगैरह समान है. इसके बावजूद समाज को उचित पहचान एवं मान सम्मान नहीं मिला. उन्होंने प्रधानमंत्री से कुड़मी, कुड़माली एवं सरना के पुरातन इतिहास को देखते हुए उक्त समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में प्रकाश महतो, निवारण महतो, उज्जवल महतो, नमिता महतो, क्रिटी महतो, असित करूवा, फूलचंद करूवा, विनय महतो, ललित मोहन महतो, धनंज्जय महतो, अनिल वरण महतो समेत काफी संख्या में महिलाएं शामिल थी. इससे पहले विगत 28 दिसंबर को समाज की ओर से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-results-of-various-cultural-competitions-organized-by-mataji-ashram-hata-announced/">जमशेदपुर

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कुड़मी समाज की प्रमुख मांगे

कुड़मी को जनजातीय समुदाय की श्रेणी में शामिल किया जाय, भारत की जनगणना में कुड़माली को भाषा एवं सरना को धर्म के रुप में मान्यता दी जाय, कुड़माली को आठवी अनुसूची में शामिल किया जाय, प्राथमिक से लेकर उच्च एवं उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में त्रुटिपूर्ण कुरमाली को सुधार कर कुड़माली भाषा में पढ़ाई की जाय. कुड़माली एकेडमिक एवं कल्चरल बोर्ड का गठन किया जाए, प्रत्येक गांव में स्थित धार्मिक स्थल (जाहिराथान, सरनाथान, गोड़ाम थान) की घेराबंदी एवं सौंदर्यीकरण किया जाय साथ ही पारंपरिक ग्राम प्रधान एवं पुजारी की प्रतिनियुक्ति की जाय, चुआड़ विद्रोह के नायक शहीद रघुनाथ महतो, संताल हूल के चानकू महतो एवं झारखंड आंदोलनकारी शक्तिनाथ महतो, निर्मल महतो समेत अन्य महापुरूषों की जीवनी सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल की जाय आदि मांगे शामिल हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-4-students-remained-absent-in-the-graduate-college-on-the-second-day-in-b-ed-second-semester-examination/">जमशेदपुर

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