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जमशेदपुर : आदिवासी समाज मरने के कगार पर खड़ा- सालखन मुर्मू

Jamshedpur (Sunil Pandey) : आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से रविवार को करनडीह स्थित अखिल भारतीय संताली शिक्षा परिषद, कार्यालय साप्ताहिक एकता प्रार्थना सभा आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता करनडीह सेंगेल माझी अर्जुन मुर्मू ने की. साप्ताहिक एकता प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने चिंता व्यक्त की कि आज आदिवासी समाज मरने की कगार पर खड़ा है. चूंकि सरना धर्म कोड, संताली राजभाषा, मरांगबुरू की वापसी, कुरमी को एसटी नहीं बनाने, आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में जनतंत्र और संविधान को लागू नहीं करने,  असम अंडमान के झारखंडी आदिवासियों को एसटी नहीं बनाने, आदिवासियों का गढ़ झारखंड का लूटना मिटना आदि खतरे की घंटी के समान है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jnac-holds-meeting-with-tata-steel-uisl-for-clean-survey/">जमशेदपुर

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आदिवासियों की दुर्दशा के लिए झामुमो जिम्मेवार

सालखन मुर्मू ने बताया कि प्रत्येक आदिवासी गांव-समाज में नशापान, अंधविश्वास, डायन प्रथा, ईर्ष्या द्वेष, आदिवासी महिला विरोधी मानसिकता, वोट को हंडिया, शराब व रुपयों के लालच में बेचना आज भी जारी है. जिसके कारण आदिवासी समाज मुख्यधारा से वंचित है. इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियां जिम्मेदार है. जिसमें झामुमो और उनके अंधभक्त सर्वाधिक दोषी हैं. जिनको बेनकाब करना जरूरी है. साप्ताहिक एकता प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से उन्होंने आगामी 30 जून 2023 को कोलकाता ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित विश्व सरना धर्म कोड जनसभा में शामिल होने तथा इसे सफल बनाने की अपील की. प्रार्थना सभा में केंद्रीय संयोजक सुमित्रा मुर्मू, सेंगेल माझी अर्जुन मुर्मू, बहादुर हांसदा, बिमो मुर्मू, सिदो मुर्मू, जयललिता टुडू, ममता टुडू, सीताराम माझी, कुनुराम बास्के, बिरसा मुर्मू, छिता मुर्मू, सीतामनी हांसदा, तिलका मुर्मू इत्यादि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-electric-scooty-caught-fire-auto-also-gutted/">जमशेदपुर

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