: सीतारामडेरा में आत्महत्या के लिये उकसाने का केस
कारगिल की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी दी
कारगिल द्रास यात्रा से लौटे डॉक्टर कमल शुक्ला ने कारगिल की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी उपस्थित लोगों को दी. मेजर विकास कुमार कमल ने कहा कि पूर्व सैनिकों द्वारा इतना सुंदर सुनियोजित कार्यक्रम देख कर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. सार्जेंट मेजर धर्मेंद्र कुमार ने पूर्व सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि अमर शहीदों के सम्मान में आपके द्वारा किया गया हर कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है. प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार सिंह ने आर्मी यूनिट के पिछले कमांडिंग ऑफिसर उनके जांबाज सैनिकों एवं पुलिस लाइन के सार्जेंट मेजर धर्मेंद्र कुमार का आभार व्यक्त किया.527 सैनिक वीरगति को प्राप्त एवं 1300 हुए थे घायल
कारगिल युद्ध वर्ष 1999 में शुरू हुआ. नेशनल हाईवे वन से सटा हुआ कारगिल का वह इलाका दुर्गम चोटियों से भरा हुआ है. पाकिस्तान की सेना ने वहां चुपके से कब्जा कर लिया था. भारतीय सेना को जानकारी मिलते ही अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम का परिचय देते हुए हमला शुरू कर दिया. इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए एवं लगभग 1300 सैनिक घायल हो गए. 26 जुलाई 1999 में भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर विजय पताका फहराया था. उस दिन से प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.आर्मी कैंप सोनारी से ये थे उपस्थित
[caption id="attachment_369613" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="309" /> कारगिल विजय दिवस के मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते मेजर विकास कुमार कमल.[/caption] कार्यक्रम में आर्मी कैंप सोनारी से कर्नल एबी मुगल के प्रतिनिधि के रूप में मेजर विकास कुमार कमल एवं नायब सूबेदार जितेंद्र कुमार मौजूद थे. अन्य अतिथियों में गोलमुरी पुलिस लाईन के सार्जेंट मेजर धर्मेंद्र कुमार, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार सिंह, पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष बृज किशोर सिंह, जिला संयोजक राजीव रंजन, जिला मंत्री दिनेश सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हवलदार रमेश सिंह, उपाध्यक्ष डॉक्टर कमल शुक्ला, कोषाध्यक्ष अमित कुमार ने शामिल होकर पुष्प चक्र एवं श्रद्धासुमन अर्पित किया.
कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद
सार्जेंट अशोक श्रीवास्तव, भोला प्रसाद सिंह, सतनाम सिंह, चंद्रमा सिंह, बरमेश्वर पांडे, विजय शंकर पांडे, मुन्ना दुबे, उत्पल सिन्हा, रामाशंकर सिंह, अजय कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, विवेक कुमार सिंह, हरेंदु शर्मा, रमेश शर्मा, हंसराज सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह, राजू रंजन, मदन भगत, विजेंदर सिंह, राजीव कुमार सिंह, अनुज कुमार सिंह, मुरारी सिंह विद्या सिंह, जयदीप कुमार, महेश चंद्र, तारकेश्वर नाथ, मुकेश कुमार सिंह, रितेश सिंह, मो.जावेद हुसैन, उपेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश शर्मा, सुरेंद्र प्रसाद मौर्या, संजय पाठक, सुनील कुमार मिश्रा, नरेंद्र कुमार, मनोज सिंह, मुकेश सिंह, जेपी कर्ण, डीएस तिवारी, प्रमोद कुमार, गोविंदा राय, रजत डे सहित सैकड़ों लोग शामिल थे. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-if-you-want-to-build-a-house-in-parsudih-you-will-have-to-pay-extortion/">जमशेदपुर: परसुडीह में मकान बनाना है तो देनी होगी रंगदारी [wpse_comments_template]

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