- आजाद समाज (का) पार्टी के प्रदेश सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
संचालक लूट मामले में पांचवा आरोपी गिरफ्तार, होटल लूटने का प्रयास करने वाला एक अभियुक्त भी धराया पिछले 15 सालों से झारखंड से कोई भी मुस्लिम सांसद नहीं है. जिन सीटों पर मुस्लिम सांसद जीत सकते थे, उन सीटों पर मुस्लिम प्रतियाशियों को टिकट ही नहीं दिया गया है. जिन जातियों की जनसंख्या झारखंड में बहुत कम है, उन जातियों के सांसद मुस्लिम और दलित बहुल सीटों से चुन कर संसद पहुंच रहे हैं. जब तक जनसंख्या के अनुपात में दलितों और मुसलमानों को राजनीतिक भागीदारी नहीं मिलेगी, इनका विकास संभव नहीं है. इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप यह सुनिशचित करें कि झारखंड में कम से कम 2 दलित और 2 मुस्लिम प्रतियाशियों को 2024 लोकसभा चुनाव में गठबंधन से टिकट दिया जाए, ताकि इन दिनों समाज का प्रतिनिधित्व हो सके और इनके प्रतिनिधि सदन में इनकी आवाज बन सकें. [wpse_comments_template]
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