Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : माताजी आश्रम हाता की ओर से राजनगर प्रखंड अंतर्गत चावड़ा पहाड़ में रविवार को वनभोज का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सर्वप्रथम आश्रम के भक्तगण शिव जी और मां रुंकिनी की पूजा पाठ किया. उसके बाद चावड़ा पहाड़ परिदर्शन किया इसके बाद सत्संग किया गया. इस अवसर पर सुनील कुमार डे ने योगेश्वरी मां की जीवनी पर प्रकाश डाला. डे ने कहा कि योगेश्वरी मां भगवान रामकृष्ण देव के मंत्र शिष्या थी. उनके आदेश पर चावड़ा पहाड़ में साधना और तप करके सिद्धि प्राप्त की. वर्ष 1938 को योगेश्वरी मां ने माताजी आश्रम की स्थापना की थी. इसके लिए जमीन चाईबासा के हुई परिवार ने दी थी. वनभोज के बाद हरिसंकीर्तन किया गया. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-give-st-status-to-kudmis-or-abolish-the-provision-of-reserved-seats-kudmi-sena/">जमशेदपुर
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पहाड़ से जुड़ी है आस्था
चावड़ा पहाड़ माताजी आश्रम हाता की संस्थापिका श्रीश्री योगेश्वरी आनंदमयी माताजी की तपोभूमि है. मां योगेश्वरी भगवान रामकृष्ण देव की आदेश अनुसार सन 1924 को चावड़ा पहाड़ आई थी. पहाड़ के ऊपर एक तालाब है. पहाड़ के ऊपर मां योगेश्वरी ने कुटिया बनाकर 12 साल तक साधना करके सिद्धि प्राप्त की थी. इसलिए विशेषकर रामकृष्ण भक्तमंडली और माताजी आश्रम हाता के भक्तजनों के लिए यह स्थान तीर्थ के स्वरूप है. पहाड़ के नीचे खुले आसमान में शिव बाबा और रुंकिनी मां है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-co-operative-college-painting-competition-organized-on-the-birth-anniversary-of-netaji-subhash-chandra-bose/">जमशेदपुरको-ऑपरेटिव कॉलेज : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित
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