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जमशेदपुर: मानसिक रोगियों को भावनात्मक सहयोग देंगे “जीवन” के स्वयंसेवक, दी गई ट्रेनिंग

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Jamshedpur : आत्महत्या निवारण के क्षेत्र में लगातार प्रयास करने वाली शहर की सामाजिक संस्था “जीवन” से जुड़े सभी स्वयंसेवकों के लिये विशेष ट्रेनिंग का आयोजन कदमा स्थित एडीएल सोसाइटी सनसाइन स्कूल के हॉल में किया गया. इसका उद्घाटन जल, वायु एवं पृथ्वी तत्व को पुष्प समर्पित कर बतौर मुख्य अतिथि डॉक्टर दीपक कुमार गिरी (मनोचिकित्सक) ने किया. डॉक्टर गिरी ने मानसिक रोगों में हुई बढ़त पर चर्चा करते हुए “जीवन” के स्वयंसेवकों की कार्यकुशलता की सराहना की. मानसिक विकारों से ग्रसित रोगियों को कैसे बेहतर भावनात्मक सहयोग दिया जा सकता इस पर भी विस्तार से प्रकाश डाला. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-indefinite-strike-will-be-considered-if-the-proposed-duty-on-agricultural-products-is-not-returned-within-30-days-moonka/">जमशेदपुर:

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नये स्वयंसेवकों के जुड़ने से ज्यादा लोगों को मिलेगी निशुल्क सेवा

मौके पर “जीवन”  के संस्थापक डॉक्टर महावीर राम एवं डायरेक्टर  डॉक्टर जे जैन भी उपस्थित थे. उन्होंने विश्वास जताया कि नये स्वयं सेवकों के जुड़ने से “जीवन” संस्था ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी निशुल्क सेवाएं प्रदान करने में सफल होगी. उन्होंने शहर के जिम्मेदार नागरिकों, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रबंधकों, एसोसिएशन के अध्यक्षों से अनुरोध किया है कि अगर उनके परिचित, मित्र, परिवारजन मानसिक रूप से परेशान हों तो निशुल्क सेवा प्राप्त करने हेतु तुरंत “जीवन”  संस्था से संपर्क कराएं.

मानसिक परेशानियों को नहीं करें नजर अंदाज

संस्था की डिप्टी डायरेक्टर दुर्गा राव ने कहा कि छोटी-छोटी मानसिक परेशानियों को नजर अंदाज करने पर ही आगे चलकर वे आत्महत्या के लिये प्रेरित करती हैं. मानव जीवन अति मूल्यवान है. अल्पकालिक छोटे-छोटे परेशानियों से घबराकर इसे खोना नहीं है. डटकर सामना करना है. उन्होंने बताया कि साल के 365 दिन सेवा उपलब्ध है. जीवन संस्था का हेल्पलाइन नम्बर 9297777499 एवं 9297777500 हैं.

तीन माह में 55 लोगों ने की आत्महत्या

कोरोना के कहर और लॉकडाउन की स्थिति का आम जनता के मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा. इस दौरान आत्महत्या की संख्या मे बढ़ोत्तरी हुई. वर्ष 2020 में 258 और 2021 में 255 (औसतन 21 प्रति लाख). कोरोना की प्रबलता के कम होते ही 2022 की शुरुआत बेहतर थी (जनवरी और फरवरी में 17-17). किन्तु मार्च में आत्महत्या की संख्या फिर बढ़कर 21 तक पहुंच गई. इस बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिये विभिन्न क्षेत्र से छह स्वयंसेवकों का चयन कर जीवन संस्था से जोड़ा गया है. इसे भी पढ़ें: चाईबासा:">https://lagatar.in/chaibasa-naxalites-running-away-from-the-organization-due-to-the-security-forces-raid-and-surrender-policy/">चाईबासा:

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