: आरआईटी थाना में होली और शब-ए-बारात को लेकर हुई शांति समिति की बैठक
संस्थापक दिवस पर होगा लोकार्पण
[caption id="attachment_568696" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> मूर्तिकार चितो डे की फोटो.[/caption] उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 900 वर्षों के बाद इस तरह की कलाकृति झारखंड में पहली बार लोगों को देखने को मिलेगी. चितो डे ने बताया कि भारत में पत्थर को तरास कर कलाकृति बनाने की कला लगभग लुप्त होने के कागार पर है. जबकि हमारे देश में अजंता एलोरा में इस प्रकार के कला के प्रमाण मौजूद है.उन्होंने बताया कि बीसी 235 के लगभग में सबसे पहले देश में बरबरीक मूर्ति बनाया गया था. सीटू रॉक पर जीवन चक्र को दर्शाने का प्रयास किया गया है. आने वाले दिनों में यह लोगों के लिए आर्षकण का केन्द्र बनेगा. संस्थापक दिवस पर इसका लोकार्पण किया जाएगा. [caption id="attachment_568698" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="228" /> मूर्तिकार चितो डे की फोटो.[/caption] इसे भी पढ़ें :खनिजों">https://lagatar.in/role-of-railway-officials-in-illegal-transportation-minerals-will-be-investigated-hemant-sarkar-formed-sit-team/">खनिजों
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