- पारंपरिक परिधान में कॉलेज की छात्राओं ने फैशन शो में लिया हिस्सा
: भाजपा कार्यकर्ताओं ने गड्ढे में स्लैग डाल सड़क को चलने लायक बनाया मौके पर प्राचार्य डॉ. कल्याणी कबीर ने कहा कि प्रकृति के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव आदिवासी परंपरा से सीखने की जरूरत है. वहीं कॉलेज के सचिव गौरव बचन ने कहा कि हम सभी को सरलता और सहजता से जीवन जीने की कुशलता आदिवासी समुदाय से सीखनी चाहिए. इस दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू गगराई ने विश्व आदिवासी दिवस वल आदिवासी जीवन के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित और प्रतिध्वनित करते हुए बीएड और नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने गीत और नृत्य प्रस्तुत किया. इस दौरान संताली नृत्य और हो भाषा की कविता ने सबका मन मोह लिया. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-jlkm-will-give-ticket-to-local-decision-will-be-taken-through-opinion-poll/">Chandil
: स्थानीय को टिकट देगा जेएलकेएम, रायशुमारी से लिया जाएगा निर्णय सभी छात्र एवं छात्राओं ने आदिवासी पारंपरिक परिधान में फैशन शो में हिस्सा लिया. कार्यक्रम का संचालन दुसमा, नागेश्री और सुशीला ने संयुक्त रुप से किया. अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया सुशीला सुंडी ने किया. इस कार्यक्रम में संस्थान के सभी विभाग के फैकल्टी और स्टूडेंट्स उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-goswami-tulsidas-birth-anniversary-celebrated-with-devotion/">Chandil
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