56 हजार बच्चे हैं राशि से वंचित
परंतु लगभग 56 हजार बच्चों के बैंक खाता में राशि नहीं भेजी जा सकी है. लगभग 02 करोड़ 74 लाख रुपये भेजना है. इधर बड़ी तादाद में बच्चों का बैंक एकाउंट ही नहीं खुला है. कई विद्यालयों की ओर से बैंक एकाउंट खोलने के लिए सारे दस्तावेज संबंधित बैंक में जमा कर दिए गए हैं. परंतु बैंक की ओर से बच्चों का खाता नहीं खोला जा रहा है. इस तरह करीब 45 हजार छात्र-छात्राओं का बैंक एकाउंट नहीं खुला है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय शंकर ने सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को छात्र-छात्राओं का बैंक एकाउंट खुलवाने का निर्देश दिया है. उन्होंने 31 दिसंबर तिथि भी तय कर दी है.बैंकों में लगी छात्रों की भीड़
झारखंड ग्रामीण बैंक दक्षिणबहाल की शाखा में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों की भीड़ लगी थी. नवीन प्राथमिक विद्यालय संथाल पिपला में कक्षा पांचवीं के मनषा किस्कु अपनी मां बबीता देवी के साथ बैंक एकाउंट खुलवाने पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार एकाउंट खुलवाने पहुंचे थे. परंतु कागजात की कमी के कारण लौटा दिया था. कई छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड नहीं बना है. इस कारण भी एकाउंट खुलवाने में परेशानी हो रही है. [caption id="attachment_207641" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="138" /> जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय शंकर[/caption]
क्या कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय शंकर ने कहा कि प्रधानाध्यापक की ओर से बच्चों का बैंक खाता नहीं खुलने की मूल वजह बैंकों की अन्यमनस्कता बताई जा रही है. इस समस्या के समाधान के लिए एचडीएफसी बैंक को आमंत्रित किया गया है. अगर कोई बैंक इंकार करता है, तो वह एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवा सकता है. यह भी पढ़ें : खाता">https://lagatar.in/due-to-non-opening-of-account-students-are-not-getting-the-amount-of-mid-day-meal/">खातानहीं खुलने से छात्रों को नहीं मिल रही मध्याह्न भोजन की राशि [wpse_comments_template]
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