Jamtara : जिले में रमजान के पहले जुमे पर शुक्रवार, 8 अप्रैल को नमाजियों की भीड़ मस्जिदों में उमड़ पड़ी. जामताड़ा शहर के सुभाष चौक स्थित जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में नमाजियों को नमाज पढ़ते देखा गया. नमाजी अजान होने के साथ ही मस्जिदों की ओर निकल पड़े. कोरोना के कारण दो साल तक रोजेदार मस्जिदों में सामूहिक नमाज अता नहीं कर पाए. इस साल रोजेदार सामूहिक नमाज अता करने पहुंचे. इस वजह से रोजेदारों में उत्साह देखा गया. मस्जिदों में इमाम ने रोजेदारों को नमाज अता कराई. रोजेदारों में पाकडीह व सरखेलडीह जामा मस्जिद के इमाम हाफिज कमरुद्दीन ने रमजान की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने तकरीर करते हुए कहा कि रमजान बहारों का महीना है. इस महीने में नेकियों की बरसात होती है. अल्लाह ताला इस महीने में नेकियों के दरवाजे खोलकर आम कर देते हैं. रमजान की पवित्रता को बरकरार रखने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि रमजान का यह महीना 3 हिस्सों में बंटा है. पहला 10 दिन मगफिरत का, दूसरा 10 दिन रहमत का और तीसरा 10 दिन जहन्नुम से मुक्ति दिलाने का. रमजान का महीना बरकतों का है. रोजेदारों को ज्यादा से ज्यादा समय इबादत में बिताना चाहिए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=284692&action=edit">यह
भी पढ़ें : जामताड़ा : डेढ़ लाख कार्डधारियों को मार्च महीने का नहीं मिला खाद्यान्न [wpse_comments_template]
भी पढ़ें : जामताड़ा : डेढ़ लाख कार्डधारियों को मार्च महीने का नहीं मिला खाद्यान्न [wpse_comments_template]
Leave a Comment