Jamtara: जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. ‘पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा’ के तहत सोमवार को उपायुक्त रवि आनंद ने अधिकारियों के साथ जामताड़ा सदर प्रखंड के उदलबनी पंचायत के विभिन्न गांवों में पेयजल स्रोतों का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान डीभीसी टोला, भगना टोला सहित कई स्थानों पर चापाकल, कुएं और जलमीनारों की स्थिति का जायजा लिया. उपायुक्त ने स्वयं चापाकल चलाकर उनकी कार्यक्षमता जांची और ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने बताया कि कई चापाकल खराब हैं या उनमें पानी बहुत कम निकलता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है.
इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी खराब चापाकलों की प्राथमिकता के आधार पर तुरंत मरम्मत कराई जाए. साथ ही सभी पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता जांच के लिए सैंपल लेने का भी निर्देश दिया.

पंचायत भवन में बैठक, समाधान पर जोर
निरीक्षण के बाद पंचायत भवन में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक हुई. उपायुक्त ने कहा कि हर पंचायत में बैठक कर जमीनी स्तर पर पानी की समस्या का आकलन किया जा रहा है और गंभीर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी, जिससे जल संकट भी गहरा सकता है. इसलिए अभी से सभी खराब पेयजल स्रोतों का डाटा तैयार कर मरम्मत कार्य तेज किया जाए. बैठक के दौरान जल सहियाओं द्वारा पानी के सैंपल की जांच भी की गई, जिसमें आर्सेनिक की मात्रा का परीक्षण किया गया.
स्कूल का भी किया निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगना टोला भी पहुंचे. यहां उन्होंने पठन-पाठन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और शिक्षकों की मौजूदगी की जानकारी ली. बच्चों से बातचीत कर उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए.
मौके पर मौजूद रहे
इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, प्रशिक्षु उप समाहर्ता साक्षी कुमारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रखंड कर्मी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी और जल सहिया मौजूद रहे.
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