Search

जामताड़ा : पारसनाथ मामले में राज्य सरकार ने आदिवासियों को धोखे में रखा- सालखन

Jamtara : गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है. दुनिया के जैनियों का यह पवित्र तीर्थ क्षेत्र है. वहीं संथाल आदिवासी समुदाय इसे अपना उपासना स्थल मरांग बुरु बता रहे हैं. इसी बात को लेकर विवाद है. आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने 21 जनवरी को जामताड़ा के एक होटल में आयजित प्रेस कांफ्रेस में कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय को धोखे में रखकर पारसनाथ पहाड़ी जैन समुदाय को सौंप चुकी है.  आदिवासी समुदाय यह बर्दाश्त नहीं करेगा. पारसनाथ पहाड़ी संथाल आदिवासियों का उपासना स्थल मरांग बुरु है. आदिवासी अस्मिता की पहचान के लिए इस पहाड़ी की रक्षा किया जाना जरूरी है. आदिवासी सेंगेल अभियान पारसनाथ मरांग बुरु बचाओ यात्रा शुरू किया है. प्रेस कांफ्रेस में गोपाल सोरेन, अमित सोरेन, हेमंत मरांडी समेत अन्य मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=529807&action=edit">यह

भी पढ़ें : जामताड़ा : साइबर ठगी के आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले गई हिमाचल पुलिस [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp