Jamtara : साइबर अपराध के लिए देशभर में पहचान बना चुका जामताड़ा अब एक और गंभीर चुनौती का सामना करता दिखाई दे रहा है. नारायणपुर-कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में युवाओं के बीच कथित तौर पर ब्राउन शुगर (हेरोइन) के बढ़ते सेवन ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
नारायणपुर डाक बंगला मैदान स्थित पुराने कचहरी भवन में नशे के सेवन के अवशेष खुलेआम पड़े होने का दावा किया जा रहा है. मौके पर बड़ी संख्या में जली हुई माचिस की तीलियां, कागज के टुकड़े और अन्य संदिग्ध सामग्री देखी जा सकती है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वहां नियमित रूप से नशा किया जाता है.

नशे की दुनिया से बाहर निकल चुके एक स्थानीय युवक ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि ब्राउन शुगर का सेवन आसानी से नहीं जलने वाले कागज में रखकर नीचे से आग दिखाने के बाद उठने वाले धुएं को नाक से खींचकर किया जाता है. उसके अनुसार, जहां इस प्रकार का नशा किया जाता है वहां बड़ी संख्या में जली हुई माचिस की तीलियां मिलना आम बात है.
पूर्व नशा पीड़ित युवक ने बताया कि शुरुआत में युवाओं को कम दाम या कई बार मुफ्त में भी नशा उपलब्ध कराया जाता है ताकि उन्हें इसकी लत लग जाए. लेकिन जब व्यक्ति पूरी तरह इस नशे का आदी हो जाता है तो उससे मोटी रकम वसूली जाती है. उसने कहा कि यदि नशा न मिले तो व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट और शारीरिक तकलीफ होने लगती है.
युवक का दावा है कि कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के कई युवा, विशेषकर वे जिन्होंने साइबर अपराध से बड़ी रकम कमाई है, इस नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं. उसने यह भी आरोप लगाया कि कर्माटांड़ के ईदगाह मोड़, भीठरा, नावाडीह और नारायणपुर बाजार के आसपास कुछ गुमटियों के माध्यम से कथित तौर पर ब्राउन शुगर की पुड़िया बेची जाती है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
उसके अनुसार, यह मादक पदार्थ पश्चिम बंगाल, बिहार और धनबाद क्षेत्र से नारायणपुर-कर्माटांड़ तक पहुंच रहा है. यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ सकते हैं.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने, संभावित ठिकानों पर छापेमारी चलाने करने की अपील की है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment