Jamtara : रमजान के दूसरे जुम्मे शुक्रवार 15 अप्रैल को मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी. शहर के सुभाष चौक नूर मोहल्ला, राजबाड़ी, धाधंड़ा, पाकडीह, सरखेलडीह, रहमुडंगाल, जीतूडंगाल के मस्जिदों में रोजेदारों ने नमाज अदा की. इस महीने में रोजेदारों में सबसे अहम जकात (दान) अदा करना है. पाकडीह व सरखेलडीह मस्जिद के इमाम हाफिज कमरुद्दीन ने खुतबे के दौरान कहा कि रमजान के महीने में इबादत जकात देने के बाद ही कुबूल होती है. जकात में हर मुसलमानों को अपने पूरे साल की बचत का 2.5 फीसदी हिस्सा जरूरतमंदों के बीच दान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि रमजान के दिनों में जो रोजेदार जितना ज्यादा जकात करता है उसके घर में उतनी ही ज्यादा बरकत होती है. जकात करने वालों का रिश्ता अल्लाह से और ज्यादा मजबूत होता है. जकात में खर्च किए जाने वाले धन मेहनत की कमाई का होना चाहिए. जकात विधवा, नि:सहाय, यतीम, मदरसा और जरूरतमंद गरीब बच्चों को दी जा सकती है. रमजान के महीने में जकात देने पर खुदा रोजेदारों को 70 गुना इजाफा कर वापस करते हैं. इसलिए ज्यादा से ज्यादा जकात करना चाहिए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=287531&action=edit">यह
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