Jamtara : छात्र समन्वय समिति संथाल परगना के आहवान पर बुधवार को क दिन के झारखंड बंद का जामताड़ा ज़िले में मिलाजुला असर दिखा. छात्र सुबह से ही सड़कों पर उतरकर नारेबाज़ी और प्रदर्शन करते दिखे. 60:40 नियोजन नीति के विरोध में आंदोलनकारी छात्रों ने चंचला मंदिर चौक पर सड़क जाम कर दिया. छात्र-छात्राओं ने डुगडुगी बजाकर हेमंत सरकार की नियोजन नीति का विरोध किया. साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हाथों में तख्तियां लेकर 60:40 के नियोजन नीति को तत्काल वापन लेने की मांग की. सड़क जाम के कारण मिहिजाम से जामताड़ा ओवरब्रीज होकर दुमका की ओर जाने वाली वाहनों को रास्ता बदलना पड़ा. वहीं सुबह रोजमर्रे के काम से हटिया व ड्यूटी जाने लिए निकले लोगों को चंचला मंदिर चौक होकर गुजरने नहीं दिया जा रहा था. सड़क पर बैठ कर छात्र-छात्राओं ने करीब दो घंटे से अधिक समय तक आवागमन को ठप रखा. आंदोलनकारी छात्र नेता रोहित सोरेन ने बताया कि चार सूत्री मांगों को लेकर एकदिवसीय बंदी का आहवान किया गया है. उन्होने कहा कि हमारी मांग है कि 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति बनाई जाए. रिक्तियों के विरूद्ध आवेदन में सिर्फ भारत के नागरिक न लिखकर भारत के नागरिक व झारखंड राज्य के स्थानीय निवासी लिखा जाए. इसके साथ ही 60:40 के अनुपात को अविलंब रद्द करने की मांग भी शामिल है. यह">https://lagatar.in/jamtara-bjp-workers-handed-over-demand-letter-to-mp-and-mla/">यह
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जामताड़ा : सड़क पर उतरे छात्रों नें घंटो सड़क रखा जाम, 1932 आधारित स्थानीय नीति की मांग

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