Jamtara : झारखंड तहरीक ए उर्दू तंजीम का आरोप है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत अल्पसंख्यक बहुल इलाके में संचालित उर्दू स्कूलों से भेदभाव बरती जा रही है. उर्दू की पैदाइश इसी देश में हुई है. यह किसी अन्य देश की भाषा नहीं है. हिंदी की छोटी बहन उर्दू है. उर्दू स्कूलों से बरती जा रही भेदभाव असहनीय हो चला है. उर्दू स्कूलों से भेदभाव पर रोक लगाने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर झारखंड तहरीक ए उर्दू तंजीम की जामताड़ा जिला कमेटी ने 23 अगस्त को अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना दिया तथा झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कमेटी के संरक्षक हाजी रफीक अनवर ने कहा कि झारखंड सरकार सदियों से संचालित उर्दू स्कूलों में उर्दू भाषा को मिटाने पर आमादा है. परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर उर्दू में लिखने की आजादी नहीं है. उर्दू स्कूलों के साथ सरकार न्याय करे. जब तक हम लोगों को हक नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा. उर्दू मुसलमानों की जागीर नहीं. यह सबकी भाषा है. उर्दू हिंदुस्तान की संस्कृति और तहजीब है. धरना कार्यक्रम को कमेटी के जिलाध्यक्ष अलीमुद्दीन अंसारी ने भी संबोधित किया. कहा कि उर्दू स्कूलों के साथ राज्य में भेदभाव हो रहा है. झारखंड अलग राज्य बने 22 साल हो चुके हैं. पूर्ववर्ती किसी भी सरकार ने उर्दू स्कूलों की तरफ आंख उठाकर नहीं देखा. वर्तमान राज्य सरकार उर्दू विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. वर्षों से संचालित उर्दू स्कूलों को मिटाया जा रहा है. धरना सरकार को चेतावनी है. इसके बावजूद उर्दू स्कूलों के साथ भेदभाव नहीं रोकने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा. धऱना देने वालों में कमेटी के उपाध्यक्ष अब्दुल रऊफ अंसारी, सचिव हाफिज नाजिर हुसैन, मौलाना इमरान, फारूक अंसारी, शराफत अंसारी, सरफराज शेख, मनीरउद्दीन अंसारी, रियाजुद्दीन अंसारी, मौलाना ऐनुल हक, मोहम्मद इमरान अंसारी, मौलाना कमरुज्जमां, हाफिज मोहम्मद कमरुद्दीन, अख्तरुल इस्लाम, गुफरान हुसैन, मौलाना शमसुद्दीन, फरीद अंसारी, शमशेर अंसारी समेत दर्जनों शामिल थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=395121&action=edit">यह
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जामताड़ा : तहरीक ए उर्दू तंजीम ने उर्दू स्कूलों के साथ भेदभाव बरतने का लगाया आरोप, दिया धरना

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