Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जामताड़ा : सोसोडीह आदिवासी टोला में पानी की किल्लत

Jamtara : नारायणपुर प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर रुपडीह पंचायत अंतर्गत सोसोडीह गांव के आदिवासी टोला में पानी की किल्लत है. ग्रामीणों को गांव से आधा किलोमीटर दूर खेत में बने कुंआ से पानी भरकर लाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि पीढ़ी दर पीढ़ी वे लोग इसी कुआं का पानी पानी पीते आ रहे हैं. हालांकि झारखंड बनने के बाद पहली बार पंचायत चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस कुआं की ओर गया. 12 फीट गहरा कुआं में ईंटें लगवा दी गई.

पानी के लिए करनी पड़ती है जद्दोजेहद

सोसोडीह आबादी के लिहाज से बड़ी बस्ती है. गांव में पेयजल के लिए  कुछेक चापाकल है. इन चापाकलों से सभी को पानी उपलब्ध नहीं हो पाता. आदिवासी टोला के निवासी साहेबलाल हांसदा ने बताया कि हम लोगों के वर्षों से पेयजल का स्रोत वही कुआं है. पेयजल संकट का समाधान करने पर जिला प्रशासन समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते. लीलमुनि टुडू नामक महिला ने बताया कि कई बार कुआं से गंदा पानी निकलता है. पानी को कपड़ा में छानकर पीना पड़ता है. इसी टोला की एक अन्य महिला चिन्तामुनी हांसदा ने बताया कि ग्रामीण कुआं का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. पानी लाने का जिम्मा महिलाओं के कंधों पर होता है. घरेलू कामकाज छोड़कर पानी लाने के लिए जाना पड़ता है. बरसात के समय में खेत में पानी भर जाने से परेशानी होती है. [caption id="attachment_599117" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/water-300x169.jpg"

alt="" width="300" height="169" /> कुआं से पानी भरकर लाती महिलाएं[/caption]

शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं

पूरे गांव में शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है. बिजली से लोगों का घर-आंगन तो रोशन हो रहा है, लेकिन आवागमन के लिए सड़के आज तक नसीब नहीं हुई. ऐसा भी नहीं है कि ग्रामीण मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग नहीं करते हैं. ग्रामीण लगातार सविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे हैं, मांग के बावजूद सुविधाएं मुहैया नहीं की जा रही है. चापाकल और कुएं के लिए कई बार मुखिया समेत जन प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया. आवेदन पढ़ने के बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

क्या कहते हैं मुखिया

रूपडीह पंचायत के मुखिया कृष्णा सोरेन ने बताया कि मुखिया फंड से कुआं में ईंटें लगवा दी गई है. नए चापाकल के लिए फंड नहीं है. फंड आते ही चापाकल की व्यवस्था की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=598595&action=edit">यह

भी पढ़ें : जामताड़ा : 11 अप्रैल को आजसू मनाएगी सिदो कान्हू की जंयती, तैयारी शुरू [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही