Ranchi: उत्तर बिहार के महराजगंज से तीन बार जदयू और एक बार राजद से सांसद रह चुके प्रभुनाथ सिंह के साथ-साथ उनके भाई दीनानाथ सिंह को 22 साल पुराने तत्कालीन विधायक अशोक सिंह की हत्या मामले में दोषी करार दिया गया
है. उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई
है. प्रभुनाथ व उनके भाई पिछले 6 साल (मई 2017) से जेपी कारा में
हैं. वहीं 18 अप्रैल को सेहत नासाज होने के बाद दोनों ही कैदियों को इलाज के लिए रिम्स लाया गया
है. प्रभुनाथ सिंह की आंखों में समस्या
है. उनके दोनों ही आंखों में मोतियाबिंद
है. नेत्र विभाग के चिकित्सक के अनुसार पिछले शनिवार को दाहिने आंख का ऑपरेशन किया गया
है. जबकी बाएं आंख का ऑपरेशन करने की तैयारी चिकित्सकों ने की
है. साथ ही वे किडनी की बीमारी से जूझ रहे
हैं. जबकि उनके भाई
दीनाानथ सिंह ऑनकोलॉजी विभाग के चिकित्सकों कि देखरेख में इलाजरत
हैं. इसे पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-05-may-2023-jhar-news-updates/">शाम
की न्यूज डायरी।।05 MAY।।न्यायिक हिरासत में भेजे गए छवि।।हाथियों ने तीन को कुचला।।बिहार पर NGT ने ठोका 4 हजार करोड़ जुर्माना।।J&K: आतंकियों से मुठभेड़ में 5 जवान शहीद।।आतंकवाद नहीं करेंगे बर्दाश्त-जयशंकर।।समेत कई खबरें और वीडियो।। रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं प्रभुनाथ व दीनानाथ
प्रभुनाथ सिंह और उनके भाई दीनानाथ रिम्स के पेइंग वार्ड के कमरा ए-1 में भर्ती
हैं. उनकी सुरक्षा में जेपी कारा से सुरक्षाकर्मियों को भी भेजा गया
है. बावजूद इसके सुरक्षाकर्मियों के नाक के नीचे दोनों बंदी बेरोकटोक-बेखौफ अपने चाहने वालों से मुलाकात कर रहे
हैं. गौरतलब है कि किसी भी बंदी को मुलाकात से पहले जेल अधीक्षक का आदेश लेना पड़ता है, लेकिन इनके साथ ऐसा कुछ भी नहीं
है.आए दिन इनसे बिहार-झारखंड के लोग मिलने के लिए
पुहंच रहे
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वहीं प्रभुनाथ सिंह से बिना आदेश के मिलने के विषय में जब जेपी कारा के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं
है. जेल से रिम्स जाने के बाद दोनों ही उच्च श्रेणी के बांदी रांची जिला प्रशासन और रिम्स प्रबंधन की निगरानी में
है. हालांकि, मिलने वाले लोगों को रोकने की जिम्मेदारी सुरक्षाकर्मियों की
है. उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी से पूछताछ के बाद ही आगे की जानकारी दे
पाएंगे. [wpse_comments_template]
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