Ranchi : झारखंड राज्य जनसेवक संघ का 11 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को राजभवन गेट के सामने सातवें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा. जनसेवकों ने कहा कि लोगों का सेवा करते ग्यारह साल हो गये. कृषि विभाग के साथ साथ अतिरिक्त पदों का प्रभार दिया जाता है, इसके बावजूद जनसेवकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. सेवा शर्त नियमावली में छेड़छाड़ की जा रही है. जनसेवकों का ग्रेड पे घटाया जा रहा है. यह सब रोका जाए, नहीं तो पूरे राज्य के जनसेवक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
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ग्रेड पे 2400 से घटाकर 2200 कर दिया गया है
चान्हों प्रखंड के जनसेवक रूपेश चरण ने बताया कि जनसेवकों के ग्रेड पे 2400 से घटाकर 2200 कर दिया गया है. इसके बाद भी हमलोग ब्लॉक स्तर पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं. कहा कि मुझे तीन पंचायतों का कार्यभार दिया गया है. खलारी प्रखंड के आदित्यनाथ झा ने बताया कि जनसेवक के पद के अलावा अतिरिक्त 5 पद दिया गया है. इनमें प्रखंड कृषि पदाधिकारी ,साख्यिकी प्रवेक्षक, निर्वाचन का कामकाम, जनगणना,समेत बीएलओ के पद शामिल हैं.जनसेवकों की 11 सूत्री मांगें
- जनसेवक संवर्ग के खिलाफ कृषि विभाग द्वारा नियुक्ति नियमावली एवं ग्रेड-पे संबंधी अवांछनीय छेड़छाड़ और षड्यंत्र तत्काल स्थाई रूप से बंद किया जाए.
- जनसेवक को पूर्व की भांति तकनीकी पद मानते हुए ग्रेड-पे 4200 किया जाए. -
- जनसेवक (2012 में नियुक्त जनसेवक सहित ) को तत्काल एमएसपी का लाभ दिया जाए.
- झारखंड कृषि शिक्षा पर्षद का अविलंब गठन किया जाए. 2012 की स्तरीय वरीयता सूची अविलंब प्रकाशित किया जाए.
- जनसेवक की संपूर्ण सेवा जनसेवक भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली के तहत कृषि विभाग में वापस लिया जाए और डीडीओ परिवर्तन का पत्र अविलंब निर्गत किया जाए.
- जनसेवक संवर्ग का पद बदल कर कृषि प्रसार पर्यवेक्षक एवं प्रखंड कृषि प्रसार पर्यवेक्षक किया जाए.
- जनसेवक को पूर्व की भांति सीमित परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए.
- सभी जिलों में जनसेवक को समान शीर्ष से वेतन भुगतान की जाए.
- जनसेवक की प्रोन्नति प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी पर्यवेक्षकीय पदों में की जाए. -
- जनसेवक को गैर कृषि कार्यों से मुक्त किया जाए. अनिवार्य रूप से कृषि प्रसार के कामकाज में लगाया जाए. -
- -राज्य में कृषि शिक्षा की व्यवस्था बहाल किया जाए. जनसेवकों के लिए निःशुल्क कृषि स्नातक की पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जाए.
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