New Delhi : राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के केंद्र में सत्तारूढ़ राजग में शामिल होने की संभावनाओं के बीच जयंत चौधरी ने शनिवार को अपने दादा व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजे जाने की घोषणा के लिए पीएम मोदी की सराहना की. उन्होंने राज्यसभा में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि मोदी सरकार की कार्यशैली में चरण सिंह के विचारों की झलक है.
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एक जमीनी सरकार ही धरतीपुत्र को भारत रत्न दे सकती है
जयंत ने कहा कि एक जमीनी सरकार ही धरतीपुत्र को भारत रत्न दे सकती है. चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने के फैसले पर राज्यसभा में सरकार को धन्यवाद देने के साथ ही जयंत ने कहा कि चरण सिंह को भारत रत्न देने भर से किसानों की समस्याओं व उनकी चुनौतियों का समाधान तो नहीं निकलता है लेकिन इससे आने वाले सालों में झोपड़ियों में पैदा होने वाले व्यक्ति को भी चौधरी चरण सिंह बनने, भारत रत्न पा सकने और समस्याओं के समाधान का हौसला जरूर मिलेगा. उन्होंने इसे देश के किसानों व वंचित समाज को सशक्त करने वाला फैसला करार दिया.
लेफ्ट, राइट और सेंटर में ही हम बंटे रहेंगे तो धरतीपुत्र का सम्मान कैसे रख पायेगे
जयंत के राजग में शामिल होने की संभावनाओं को उस वक्त और भी बल मिला जब वह सत्तापक्ष की ओर खड़े होकर अपनी बात रख रहे थे. उन्होंने कहा, मैं कहना चाहता हूं कि एक जमीनी सरकार... जो जमीन की आवाज को समझती है और बुलंद करना चाहती है...ऐसे ही सरकार धरतीपुत्र चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती है.’ उन्होंने कहा, हम चौधरी चरण सिंह जैसी शख्सियत को किसी गठबंधन के बनने और टूटने, चुनाव लड़ने और जीतने तक सीमित रखना चाहते हैं. लेफ्ट, राइट और सेंटर में ही हम बंटे रहेंगे तो देश के असली धरतीपुत्र का हम सम्मान कैसे रख पायेगे? जयंत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री जी ग्रामीण क्षेत्र में शौच की दुर्व्यवस्था पर प्रकाश डालते हैं... जब महिला सशक्तिकरण को भारत सरकार अपना मंच बनाती है और गांव-गांव में जागृति पैदा करती है तो मुझे उसमें चरण सिंह की बोली याद आती है.
खड़गे ने कहा, किस नियम के अधीन जयंत चौधरी को बोलने का मौका दिया गया
जयंत जब अपनी बात रख रहे थे तब कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि उन्हें किस नियम के तहत बोलने का अवसर दिया गया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिन भी शख्सियतों को भारत रत्न देने की घोषणा की गयी है उस पर कोई विवाद नहीं है और वह सभी को सलाम करते हैं लेकिन किस नियम के अधीन जयंत चौधरी को बोलने का मौका दिया गया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य नियमों के अधीन भी मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उन्हें चुप करा दिया जाता है. उन्होंने आसन के व्यवहार पर सवाल उठाए, जिस पर सभापति धनखड़ ने गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची है.
जयंत चरण सिंह के पोते हैं ,इसलिए उन्हें बोलने का मौका दिया
सभापति ने सदन को बताया कि जयंत चौधरी ने सुबह उन्हें एक पत्र लिखा था कि वह चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा पर सदन में कुछ बोलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी चरण सिंह के पोते हैं इसलिए उन्होंने उन्हें बोलने का मौका दिया. इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर अव्यवस्था का माहौल रहा. केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक किसान पुत्र को भारत रत्न देने के फैसले का भी विरोध कर रही है. रूपाला ने कहा कि कांग्रेस के सदस्य यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि मोदी सरकार ने एक किसान को भारत रत्न दे दिया. सदन के नेता पीयूष गोयल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा और खड़गे पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत रत्न पाने वाली शख्सियतों के लिए ओछी टिप्पणी की. उन्होंने विपक्ष के नेता से उनकी टिप्पणियों के लिए सदन और देश से माफी मांगने की मांग की [wpse_comments_template]
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